कोरोना वायरस की महामारी ने पूरी दुनिया को अवसाद में डाल दिया है। लोगों की मौत की खबरें, लॉकडाउन, तेजी से फैलता संक्रमण, मास्क पहने लोगों की तस्वीरें। सब मिलाकर एक भयावाह मंजर पेश कर रहे हैं। ये महामारी, लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक बड़ी चुनौती लेकर आई है।
आखिर तनाव भरे माहौल में कैसे रहें खुश? ये आठ उपाय होंगे मददगार
अपना ध्यान बंटाएं
जो मुद्दा आप को तनाव देता है, उस पर बार-बार गौर करना आसान है, लेकिन इसी विषय पर लगातार मंथन करने से भला नहीं होने वाला। अपना ध्यान बंटाने के लिए कुछ और कीजिए। इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में काफी मदद मिलती है।
ध्यान लगाना सबके लिए कारगर नुस्खा नहीं है
ऐसे तनाव भरे माहौल में अक्सर लोग ध्यान या मेडिटेशन करने लगते हैं, लेकिन कई लोगों के लिए ध्यान लगाना असरदार नहीं साबित होता। अगर आप दिमाग को स्थिर करेंगे, तो शायद आप फिर उसी मुद्दे पर मंथन करने लगें, जो बात आपको परेशान कर रही थी।
अपना जहन साफ करने के चक्कर में तनाव देने वाले विषय से ध्यान हटाना मुश्किल होता है। यही वजह है कि अब तक के अध्ययन ये बताते हैं कि मेडिटेशन, सबके लिए मददगार नहीं होता। ऐसे लोगों का ध्यान बंटाने का, ध्यान करने से अलग कोई अन्य नुस्खा चाहिए होता है।
हालात के बारे में नए सिरे से सोचें
हम अपने जज्बात को कैसे महसूस करते हैं, वो इस बात पर निर्भर करता है कि हम किस दिशा में सोच रहे हैं। डेरेन ब्राउन अपनी किताब 'हैप्पी' में लिखते हैं, 'अगर कोई खिलाड़ी ये सोचते हुए खेल के मैदान में उतरता है कि उसे जीतना ही है, तो हार को पचा पाने में मुश्किल होती है। ऐसे खिलाड़ियों को गहरा सदमा लगता है।' तो, हर हाल में अपनी जीत देखने के बजाय ये सोचें कि आप अपनी ओर से पूरी कोशिश करेंगे।
ऐसे में नतीजा आपने मुताबिक न भी आए, तो उसे स्वीकार कर पाना आसान होता है। अगर ये सोचेंगे कि आप बीमार नहीं पड़ेंगे, तो मुश्किल होगी। तो, ये सोचिए कि आप सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। अपनी साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे। लॉकडाउन के दौरान घर में रहेंगे। तो, हालात आपके मुफीद होंगे। आप जिन चीजों को नियंत्रित नहीं कर सकते, उन्हें लेकर अपने ऊपर बोझ न डालें।
हमेशा खुश रहने या सकारात्मक रहने की जिद न पालें
हमेशा खुश रहने का ख्याल जिंदगी हमारे लिए बोझिल बना देगा। जब हम सिर्फ अपनी खुशी के बारे में ही सोचते हैं, तो हम अपने आस-पास के लोगों की खुशी के बारे में नहीं सोच पाते। इस वजह से आप दूसरों से कट सकते हैं। हर वक्त खुशी तलाशने की सनक में आप अलग थलग पड़ जाते हैं और खुशी के साझा लम्हे आपके हाथ से निकल जाते हैं।