Guillain-Barre Syndrome: महाराष्ट्र के बाद अब इन राज्यों में भी बढ़े मरीज, आखिर क्यों फैल रही है ये बीमारी?
गिलियन बैरे सिंड्रोम इन दिनों स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। महाराष्ट्र के बाद पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी जीबीएस के मामले सामने आए हैं। इस बीमारी के मामले अचानक से क्यों बढ़ रहे हैं, ये सवाल सभी के मन में है। आइए इस बारे में समझते हैं।
विस्तार
Guillain-Barre Syndrome: गिलियन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के बढ़ते मामले पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। महाराष्ट्र के पुणे सहित कुछ शहरों में सबसे पहले इसके मामले रिपोर्ट किए गए जो अब अन्य राज्यों में भी बढ़ते जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र के बाद पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी जीबीएस के मामले सामने आए हैं। लोक स्वास्थ्य विभाग के इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के अनुसार महाराष्ट्र में अब कुल मामलों की संख्या 127 हो गई है और लगभग 20 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। यहां इस रोग के कारण मौत का दूसरा मामला भी रिपोर्ट किया गया है।
गिलियन बैरे सिंड्रोम स्वास्थ्य जटिलताएं तो बढ़ा ही रहा है, इसके कारण बढ़ते मौत के मामले और भी चिंता का कारण बने हुए हैं। खबरों के मुताबिक पुणे में जीबीएस के कारण एक और मौत हुई है। यहां 56 वर्षीय महिला जो पहले से ही कैंसर की शिकार थी, उसकी 28 जनवरी को सेप्सिस के साथ रेस्पोरेटरी फेलियर से मौत हो गई। इससे पहले 25 जनवरी को पुणे में ही एक 40 वर्षीय की जीबीएस के कारण मौत हुई थी।
पश्चिम बंगाल में भी गिलियन बैरे सिंड्रोम से कथित तौर पर तीन लोगों की जान जाने की खबर है, हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी बीमारी के मामले
गिलियन बैरे सिंड्रोम के केस महाराष्ट्र के अलावा पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पिछले चार दिनों में गुलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के कारण कथित तौर पर एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों के घरवालों ने दावा किया है कि उनकी मौत संदिग्ध जीबीएस के कारण हुई है। हालांकि, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इन मौतों के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, घबराने की कोई बात नहीं है।
इसी तरह राजस्थान के जयपुर में भी बीमारी के तीन मामले सामने आए हैं। सभी मरीज एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। सैंपल जांच के लिए सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजे गए थे, जहां संक्रमण की पुष्टि हुई है। मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। देश के अन्य हिस्सों में भी इस बीमारी के मामले सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है।
क्या दूषित पानी की वजह से बढ़ रही है ये बीमारी?
गिलियन बैरे सिंड्रोम के मामले अचानक से क्यों बढ़ रहे हैं, ये सवाल सभी के मन में है। महाराष्ट्र फिलहाल इससे सबसे प्रभावित राज्य है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर का मानना है कि पुणे में हाल ही में हुआ जीबीएस का प्रकोप संभवतः दूषित जल स्रोतों से जुड़ा हो सकता है।
राज्य में फैल रही इस बीमारी को लेकर हाल ही में मंत्रिमंडल की बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई है, जिसमें अधिकारियों का मानना है कि दूषित पानी की वजह से संभवत: ये बीमारी फैल रही है। इससे निपटने के लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है जो पानी के सैंपल की जांच करके बीमारी के प्रसार को रोकने का काम कर रही है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में पुणे स्थित एक अस्पताल में वरिष्ठ स्वास्थ्य विशेषज्ञ एन.आर.निरंजन ने बताया कि गिलियन बैरे सिंड्रोम के मामलों के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, इसमें से एक कारण बैक्टीरिया का संक्रमण भी होता है। कैम्पिलोबैक्टर नामक बैक्टीरिया के संक्रमण को पहले से ही इस रोग का कारण माना जाता रहा है जो दूषित पानी से फैल सकता है। ये बैक्टीरिया तंत्रिकाओं को प्रभावित करने वाला हो सकता है यही कारण है कि इससे संक्रमित में जीबीएस का खतरा रहता है।
सभी लोगों को इस बढ़ती बीमारी के जोखिमों को देखते हुए विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। जिन स्थानों पर इस रोग के मामले बढ़ रहे हैं, वहां पानी की स्वच्छता को लेकर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है।
नया स्ट्रेन हो सकता है जिम्मेदार
डॉक्टर कहते हैं, जिस तरह से अचानक से ये बीमारी बढ़ रही है ऐसे में आंशका है कि इसके लिए कोई नया स्ट्रेन जिम्मेदार हो सकता है जो म्यूटेट होकर महाराष्ट्र में फैल रहा है। जब कोई व्यक्ति रोगजनकों के संपर्क में आता है, तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली इनसे मुकाबला करती है। संभवत: नए स्ट्रेन के कारण प्रतिरक्षा प्रक्रिया इसका मुकाबला नहीं कर पा रही है जिस वजह से गंभीर जटिलताएं देखी जा रही हैं और रोगियों को वेंटिलेटर तक की जरूरत हो रही है।
फिलहाल सभी लोगों पीने के लिए साफ पानी के उपयोग को सुनिश्चित करना चाहिए ताकि अभी के लिए इस संक्रामक रोग के प्रसार को कम किया जा सके।
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स्रोत और संदर्भ
Guillain-Barré Syndrome
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