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Guillain-Barre syndrome: जयपुर में गुइलेन बेरी सिंड्रोम की दस्तक, तीन मरीज आए सामने; इलाज जारी
Wed, 29 Jan 2025 11:54 AM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 29 Jan 2025 11:54 AM IST
सार
Guillain-Barre syndrome: इन मरीजों का इलाज जयपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। सैंपल जांच के लिए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजे गए थे, जहां जांच में इस बीमारी की पुष्टि हुई है।
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गुइलेन बेरी सिंड्रोम के लक्षण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी जयपुर में गुइलेन बेरी सिंड्रोम के तीन मामले सामने आए हैं। ये सभी मरीज एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। सैंपल जांच के लिए सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजे गए थे, जहां संक्रमण की पुष्टि हुई है।
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एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने पुष्टि करते हुए बताया कि निजी अस्पताल से भेजे गए सैंपल की जांच में तीन मरीजों में गुइलेन बेरी सिंड्रोम पॉजिटिव पाया गया है। मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हाल ही में देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी इस बीमारी के मामले सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। जयपुर में इसके मामलों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
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क्या है गुइलेन बेरी सिंड्रोम?
गुइलेन बेरी सिंड्रोम एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से अपनी ही पेरीफेरल नसों पर हमला करने लगती है। इससे मांसपेशियों में कमजोरी और सुन्नता आ जाती है।
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चलने-फिरने में दिक्कत
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि किसी भी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा परामर्श लें। प्रशासन भी इस बीमारी की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरत रहा है।
महाराष्ट्र के पुणे में बढ़े मामले
बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे में गुइलेन बैरे सिंड्रोम (GBS) के मामलों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी ने राज्य की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुइलेन बैरे सिंड्रोम के संदिग्ध और पुष्टि किए गए मामलों में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप और प्रबंधन के लिए राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों का समर्थन करने के लिए एक उच्च स्तरीय बहु-विषयक टीम को पुणे में तैनात किया है।