हैरतअंगेज मामला: कहीं आंख में दांत, कभी दांत से बनी आंख, मेडिकल साइंस के ये दुर्लभ मामले आपको कर देंगे हैरान
- सोचिए अगर किसी की आंख में अचानक दांत निकल आए तो कैसा लगेगा? सुनकर ही हैरानी होती है, लेकिन बिहार में हाल ही में ऐसा ही एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
- इससे पहले के एक मामले में कनाडा के डॉक्टर्स ने 'दांत से बनी आंख' से दशकों से अंधेपन की शिकार महिला की जिंदगी में रोशनी लौटाई थी।
Please wait...
विस्तार
मेडिकल साइंस के कुछ मामले कई बार आम लोगों के साथ विशेषज्ञों को भी हैरान कर देते हैं। लोगों के लिए यकीन करना भी मुश्किल हो जाता है कि क्या वास्तव में कभी ऐसा भी हो सकता है? बिहार के एक अस्पताल से सामने आया मामला ऐसे ही इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है।
सोचिए, अगर किसी की आंख में अचानक दांत निकल आए तो कैसा लगेगा? सुनकर ही हैरानी होती है, लेकिन बिहार में हाल ही में ऐसा ही एक अनोखा और चौंकाने वाला केस सामने आया। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक सच्चाई है जिसने डॉक्टरों तक को हैरान कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार में एक व्यक्ति को ऊपरी दांतों से खून निकलने की दिक्कत महसूस हो रही थी। धीरे-धीरे उसकी दाहिनी आंख के पास एक गांठ बनने लगी जिसके चलते उसे धुंधला दिखाई देने लगा। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने जब इस मामले को समझने के लिए जांच की तो उन्होंने पाया कि मरीज की आंख में ही दांत उग रहा था। ये मामला डॉक्टर्स की टीम को भी हैरान करने वाला था।
मेडिकल साइंस का हैरान कर देने वाला मामला
पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने बाद में सर्जरी करके उस दांत को निकाल दिया। मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है। डॉक्टरों के अनुसार, यह एक अत्यंत दुर्लभ केस है। ये मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लोगों के मन में ये सवाल बना हुआ है कि आखिर किसी की आंख में दांत कैसे उग आया?
इसके कारणों को जानने से पहले इस पूरे मामले को जान लीजिए।
क्या है पूरा मामला?
बिहार के 42 वर्षीय एक व्यक्ति को अपने ऊपरी दांत से खून बहने की दिक्कत महसूस हो रही थी। गांव के एक स्थानीय डॉक्टर से मिलने के बाद उसका इलाज हुआ और दिसंबर 2024 तक वह ठीक हो गया। इसके बाद मार्च 2025 में फिर से उन्हें दांत और दाहिनी आंख के बीच गाल के पास एक गांठ बनता दिखा। इसके अलावा उनकी दृष्टि धुंधली होती जा रही थी, जिसके इलाज के लिए वह पटना स्थित अस्पताल में गए।
इस गांठ के कारण रोगी को सिर के दाहिने हिस्से दर्द, धुंधली दृष्टि के साथ चक्कर आने और लगातार थकान बने रहने की समस्या हो रही थी।
जून 2025 में, डॉक्टरों ने मामले को समझने के लिए सीबीसीटी (कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी) स्कैन किया गया। सीबीसीटी एक प्रकार का एक्स-रे है जो मुंह, जबड़े और खोपड़ी सहित मैक्सिलोफेशियल हिस्से की थ्रीडी इमेज देता है। स्कैन में पता चला कि रोगी को आंख की नीचे एक दांत विकसित हो रहा था। यह असामान्य दांत मैक्सिलरी साइनस में विकसित हो रहा था, जो गाल की हड्डी के ऊपर और आंख की कक्षा के नीचे एक खोखला क्षेत्र होता है और नासिका मार्ग से जुड़ा होता है।
जैसे-जैसे दांत बढ़ता गया, यह आंख की कक्षा पर दबाव डालता गया, जिससे सूजन और बेचैनी होने लगी। बाद में इसे सर्जरी करके ठीक किया गया।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टरों की टीम ने बताया कि ये एक डेवलपमेंटल एनोमलीज विसंगति है। बच्चे के विकास के दौरान शरीर के साथ-साथ दांतों का भी विकास हो रहा होता है। उसी वक्त ये दांत ऐसी जगह विकसित होने लगा जो सामान्य नहीं था। डॉक्टर कहते हैं, बच्चा जब गर्भ में होता है और चेहरे का विकास हो रहा होता है तो और दांत को बनाने वाला तत्व छिटक अगर किसी अन्य हिस्से में चला जाए तो उसके वहां पर पनपने का जोखिम हो सकता है।
इससे पहले भी देश में गिने-चुने मामले रिपोर्ट किए गए थे जहां दांत शरीर के किसी अन्य हिस्से में विकसित होने लगा था। हालांकि इस तरह के मामले को काफी दुर्लभ माना जाता है।
'दांत से बनी आंख' ने लौटाई महिला की जिंदगी में रोशनी
इससे पहले अगस्त में अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से 'दांत से बनी आंख' से डॉक्टरों की टीम ने दशकों से अंधेपन की शिकार महिला की जिंदगी में रोशनी लौटाई थी। इस मामले में आंख में एक जटिल और विचित्र सर्जरी के जरिए डॉक्टरों ने उसका दांत लगा दिया, जिसकी मदद से अब महिला फिर से देख सकती है। ये मामला भी काफी चर्चा में रहा था।
-----------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।