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चिंताजनक: ग्रामीण परिवारों के आहार में इस पोषक तत्व की भारी कमी, संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ रहा इसका गंभीर असर

Thu, 10 Apr 2025 12:37 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 10 Apr 2025 12:37 PM IST
सार

एक अध्ययन की रिपोर्ट में भारतीय आबादी, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के आहार में प्रोटीन की कमी को लेकर सावधान किया गया है। गरीबी और जागरूकता की कमी के कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल पाता है।

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Protein Deficiency in Rural India know its causes and health effects in hindi
ग्रामीणों इलाकों में कुपोषण का खतरा - फोटो : Freepik.com

विस्तार

अच्छी सेहत के लिए खान-पान और दिनचर्या दोनों को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। आप क्या खाते हैं, कैसी लाइफस्टाइल है इसका स्वास्थ्य पर सीधा असर होता है। यही कारण है कि सभी लोगों को लगातार ऐसे आहार के सेवन की सलाह दी जाती रही है, जिससे शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके। हालांकि आहार में गड़बड़ी और पोषक तत्वों की बढ़ती कमी को लेकर सामने आई एक हालिया रिपोर्ट गंभीर चिंता बढ़ाने वाली है। 

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इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट सहित दो अन्य संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययन की रिपोर्ट में भारतीय आबादी, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के आहार में पोषक तत्वों की कमी को लेकर सावधान किया गया है।
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रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण भारतीय परिवारों के आहार में प्रोटीन की भारी कमी देखी गई है, जिसके कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का जोखिम बढ़ सकता है। जागरूकता की कमी और गरीबी के कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल पाता है, जोकि काफी चिंताजनक है।

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Protein Deficiency in Rural India know its causes and health effects in hindi
आहार में पोषक तत्वों की कमी - फोटो : Freepik.com

ग्रामीणों के आहार में प्रोटीन की कमी

अध्ययन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पोषक तत्वों के सेवन और इससे होने वाले लाभ के बारे में जागरूकता न होने के कारण लोग प्रोटीन वाली चीजों का सेवन कम करते हैं।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में दालें, डेयरी, अंडे और मांस जैसे पर्याप्त प्रोटीन युक्त खाद्य-पेय पदार्थ का उत्पादन और इसकी पर्याप्तता में कोई कमी नहीं है।
  • आर्थिक रूप से कमजोरी आबादी वाले कुछ लोगों को छोड़ दिया जाए तो सभी लोग प्रोटीन को आहार में आसानी से शामिल भी कर सकते हैं।
  • हालांकि सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि लोगों को इसकी जरूरत के बारे में ही ज्यादा जानकारी नहीं है।

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स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com

अध्ययन में क्या पता चला?

देश के छह राज्यों के नौ जिलों में विशेषज्ञों की टीम ने इसका विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि ग्रामीणों का आहार मुख्य रूप से चावल और गेहूं जैसे अनाजों पर आधारित है जो उनके दैनिक प्रोटीन की कुछ हद तक पूर्ति करता है। हालांकि, इनमें शरीर के लिए जरूरी सभी अमीनो एसिड नहीं होते, जिसकी वजह से पोषण संतुलन प्रभावित होता है।

अध्ययन के मुताबिक, पोषण संतुलन प्रभावित होने की वजह कुछ मामलों में आर्थिक बाधाएं, सांस्कृतिक मान्यताएं और बड़े स्तर पर पोषण की जानकारी का अभाव है। 

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सब्जियां-फल से भरपूर आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com

अच्छी सेहत के लिए जरूरी है पर्याप्त प्रोटीन

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, एक आदर्श और स्वास्थ्यवर्धक आहार में 20-25 फीसदी प्रोटीन, 65% कार्बोहाइड्रेट और 10-15 फीसदी वसा होनी चाहिए। 

  • प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक पोषक तत्व है जो शरीर को संरचना और ताकत प्रदान करता है।
  • ये कई प्रकार के जरूरी एंजाइम्स और हार्मोन के उत्पादन के लिए भी आवश्यक माना जाता है।
  • अगर आपके शरीर में प्रोटीन की कमी है या आप प्रोटीन वाली चीजें बहुत कम खाते हैं तो इसके कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

प्रोटीन की कमी कुपोषण का कारण बन सकती है। इसके अलावा जिन लोगों में लंबे समय तक प्रोटीन की कमी बनी रहती है उन्हें बालों के झड़ने, शरीर कमजोर होने, अक्सर बीमार रहने या गंभीर संक्रमण का खतरा हो सकता है। ये आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी काफी कमजोर करने वाली स्थिति हो सकती है।

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आहार में बढ़ाएं प्रोटीन की मात्रा - फोटो : Freepik.com

क्या आपके आहार में है प्रोटीन?

आहार विशेषज्ञ बताते हैं औसत रूप से हर व्यक्ति को 0.75 ग्राम प्रति किग्रा बॉडी वेट के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत होती है। 50 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए यह मात्रा 1 ग्राम प्रति किग्रा होती है। इसको ऐसे समझा जा सकता है कि अगर आपका वजन  75 किलोग्राम है तो आपको 60-62 ग्राम प्रोटीन लेना जरूरी है। आहार में कुछ चीजों को शामिल करके जैसे अंडे, बादाम, दूध, हरी सब्जियों से इसकी पूर्ति की जा सकती है।

पशु आधारित आहार जैसे मीट-अंडे प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत होते हैं, पर हाल के कई अध्ययनों में इस बात पर जोर दिया जाता रहा है कि प्लांट बेस्ड चीजों से पोषक तत्व प्राप्त करना आपके लिए ज्यादा लाभकारी हो सकता है। 



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स्रोत और संदर्भ
 protein-source diversity, household behavior, and protein consumption inadequacy in the Indian rural semi-arid tropics


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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