सावधान: ठीक नहीं हो रहे मुंह के छाले तो तुरंत कराएं जांच, कहीं ये कैंसर का संकेत तो नहीं? डॉक्टर ने किया अलर्ट
Oral Cancer Risk: मुंह का कैंसर अब युवाओं को भी तेजी से प्रभावित कर रहा है। जीभ या मसूड़ों पर तीन सप्ताह से ज्यादा रहने वाला छाला, लाल-सफेद निशान और असामान्य गांठ इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। धूम्रपान, शराब और एचपीवी संक्रमण प्रमुख जोखिम कारक हैं।
विस्तार
मुंह में छाले होने की समस्या बहुत आम है, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक कोई भी इसका शिकार हो सकता है। गलती से गाल या जीभ कट जाने, कड़े ब्रिसल वाले ब्रश का इस्तेमाल करने या फिर कुछ मामलों में विटामिन बी-12 या फोलेट की कमी के कारण लोगों को ये दिक्कत हो जाती है। छाले ज्यादातर मामलों में अपने आप या फिर हल्के-फुल्के इलाज से ठीक हो जाते हैं पर अगर आपके मुंह में बार-बार ये दिक्कत हो रही है या छालों को ठीक होने में बहुत लंबा समय लगता है, तो इसे अनदेखा करने की गलती न करें।
क्या आप जानते हैं कि मुंह में लंबे समय तक रहने वाला छाला कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकता है? चिंता की बात यह है कि अब कम उम्र के लोगों में भी मुंह के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ये जीभ, मसूड़ों, होंठ और गालों के अंदरूनी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर मुंह में कोई छाला तीन सप्ताह तक ठीक नहीं होता या कोई असामान्य गांठ, सूजन अथवा सफेद-लाल निशान दिखाई देता है, तो इसकी जांच जरूर करानी चाहिए।
आखिर मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं और इसे कैसे पहचानें? आइए इस बारे में जान लेते हैं।
मुंह में कैंसर का बढ़ता खतरा
मुंह में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग नियमित रूप से अपने मुंह की जांच करें और कैंसर के शुरुआती संकेतों को पहचानने की कोशिश करें। गौरतलब है कि ओरल कैंसर के मामलों में पिछले 20 वर्षों में दोगुने से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। 50 साल से कम उम्र के लोगों में भी इसके लक्षण सामने आ रहे मामले हैं।
ओरल हेल्थ फाउंडेशन के अध्ययन से पता चलता है कि बीमारी के मामले बढ़ने के बावजूद लोगों में इसके शुरुआती लक्षणों को लेकर जागरूकता उतनी नहीं बढ़ी है।
ओरल हेल्थ फाउंडेशन की अध्यक्ष और रजिस्टर्ड डेंटिस्ट कैथरीन ब्रैडी कहती हैं, मुंह में छाला, किसी तरह का निशान या गांठ होने पर लोग अक्सर इसे सामान्य समस्या समझकर टाल देते हैं। खासकर तब, जब उसमें दर्द न हो तो इसपर ध्यान नहीं जाता है, लेकिन अगर मुंह में कोई बदलाव तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहता है, तो डॉक्टर से उसकी जांच कराना जरूरी है।
कैंसर के संकेतों को पहचानें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मुंह का कैंसर किसी को भी हो सकता है। दूसरी गंभीर बीमारियों की तरह ओरल कैंसर में भी समय पर पहचान बहुत महत्वपूर्ण है। बीमारी जितनी जल्दी पकड़ में आती है, इलाज के सफल होने की संभावना उतनी ही बेहतर रहती है।
- यह कैंसर मुंह के किसी भी हिस्से में हो सकता है।
- मुंह में तीन सप्ताह से ज्यादा रहने वाला छाला हो सकता है कैंसर का संकेत हो सकता है।
- मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षणों छाले का जो तीन सप्ताह तक ठीक न हो भी देखा जाता रहा है। यह छाला जीभ या मसूड़ों पर हो सकता है।
क्या कहते हैं कैंसर का शिकार रहीं करेन
ब्रिटेन की स्थानीय मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट में करेन लिशिंग-श्रोडर नाम की महिला अपने अनुभव बताती हैं। उन्होंने शुरुआत में अपने लक्षणों को नजरअंदाज किया था और बाद में उन्हें पता चला कि उन्हें जीभ का कैंसर है। शुरुआत में उनकी जीभ पर एक छाला हुआ था। लेकिन वह ठीक नहीं हुआ और धीरे-धीरे वहां गहरा घाव बन गया। इसके बावजूद उन्हें उस समय अंदाजा नहीं था कि यह जीभ का कैंसर हो सकता है।
- करेन ने कभी धूम्रपान नहीं किया था। वह बहुत कम शराब पीती थीं और नियमित रूप से वॉक-रनिंग के कारण खुद को काफी स्वस्थ मानती थीं।
- ऐसे में कैंसर की बीमारी का पता चलना उनके लिए बेहद हैरान करने वाला था।
- इसी वजह से मुंह में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कैथरीन ब्रैडी ने लोगों को सलाह दी है कि मुंह में कोई भी चिंताजनक बदलाव दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करने के लिए तीन सप्ताह तक इंतजार न करें। तीन सप्ताह वाला नियम खासतौर पर ऐसे छाले के लिए है, जो ठीक नहीं हो रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी लक्षण की जांच कराने से पहले तीन सप्ताह इंतजार करना चाहिए।
मुंह के कैंसर के दूसरे लक्षण भी पहचानें
मुंह में लंबे समय तक रहने वाले छाले के अलावा भी कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- मुंह में लाल या सफेद निशान। मुंह के अंदर गाल, जीभ या मसूड़ों पर लाल या सफेद रंग के पैच दिखाई देना।
- मुंह, होंठ या गर्दन में बिना किसी स्पष्ट वजह के गांठ या सूजन होना।
- खाना या पानी निगलते समय दर्द या परेशानी महसूस होना।
धूम्रपान-शराब और एचपीवी वायरस से भी खतरा
धूम्रपान-शराब का सेवन और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस को ओरल कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है। एचपीवी वायरस आमतौर पर यौन संपर्क और त्वचा के सीधे संपर्क से फैलता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित रूप से बहुत ज्यादा शराब पीने से मुंह के कैंसर का खतरा लगभग चार गुना तक बढ़ सकता है।
जो लोग धूम्रपान भी करते हैं और शराब भी पीते हैं, उनमें मुंह के कैंसर का खतरा, आम लोगों की तुलना में करीब 30 गुना तक अधिक हो सकता है।
ओरल हेल्थ फाउंडेशन ने लोगों को सलाह दी है कि सभी लोग समय-समय पर शीशे के सामने खड़े होकर अपने मुंह की जांच करें। रोजाना ब्रश करने के बाद कुछ मिनट अपने मुंह की जांच जरूर करनी चाहिए। अगर आपको कोई भी असामान्य बदलाव दिखाई देता है तो डॉक्टर या डेंटिस्ट से जरूर मिलें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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