देशभर में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही राजधानी दिल्ली-एनसीआर में पारा 41 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है, जिसके कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों-बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को बढ़ते तापमान के समय में अतिरिक्त सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
Heatwave: हीट स्ट्रोक से आप सुरक्षित हैं या नहीं, कैसे लगाएं पता? डॉक्टर की इस सलाह पर भी दें ध्यान
मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों-बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को बढ़ते तापमान के समय में अतिरिक्त सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
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हीट स्ट्रोक का क्या कारण है?
डॉक्टर बताते हैं, अधिक गर्मी शरीर की कूलिंग प्रक्रिया को बाधित कर देती है। इस वजह से लू की स्थिति में शरीर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है।
डिहाइड्रेशन हीट स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण है, यही कारण है स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मी और लू के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचे रहने के लिए दिन में कम से कम ढाई से तीन लीटर पानी पीते रहने की सलाह देते हैं। पानी के साथ शरीर में इलेक्ट्रोलाइट (नमक, पोटैशियम व मैग्नीशियम) का बैलेंस बनाए रखने के लिए ओआरएस या नारियल पानी पीते रहना चाहिए।
क्या आप हीट स्ट्रोक से सुरक्षित हैं?
अब सवाल उठता है कि ये कैसे पता किया जाए कि आप हीट स्ट्रोक से सुरक्षित हैं या नहीं?
इसके लिए आप खुद से कुछ सवाल पूछें और आप खुद से ही इसका आकलन कर सकते हैं।
- क्या आप दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी पीते हैं?
- ढीले हल्के कपड़े पहनते हैं?
- दिन में 11-4 बजे के बीच तो घर से बाहर नहीं निकलते?
अगर आप इन सावधानियों का ध्यान रख रहे हैं तो ये लू लगने की आशंकाओं को 70 प्रतिशत तक कम कर सकती है।
ये सावधानियां जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ बीमारी के शिकार लोगों में हीटस्ट्रोक और इसकी जटिलताओं का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या दिल के रोग वाले लोगों में हीटस्ट्रोक का खतरा अधिक होता है।
मायोक्लिनिक की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीमार या कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को अगर हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक हो सकता है। इसके अलावा यदि आप तेज धूप में या गर्मी में ज्यादा मेहनत वाला काम करते हैं तो इससे भी शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।