अधिकतर लोगों को सो कर उठने के बाद कंधों में जकड़न या दर्द महसूस होता है। आप इसे छोटी बात समझकर नजरअंदाज बेशक कर देते होंगे लेकिन ये आपको नुकसान पहुंचा सकता है। आपको बता दें की कंधों में दर्द सिर्फ गलत तरह सोने या तकिए के कारण नहीं होता इसका मतलब है कि आपको डायबिटीज की शिकायत भी हो सकती है। इसे फ्रोजेन शोल्डर भी कहते हैं। जानिए डायबिटीज से इसका क्या संबंध है।
सावधान! कंधे के दर्द को ना करें नजरअंदाज, हो सकता है डायबिटीज
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फ्रोजन शोल्डर यानी कंधे की अकड़न ऐसी स्थिति है, जो आपके कंधों के जोड़ को प्रभावित करती है। इससे आमतौर पर कंधे में दर्द होता है और कंधा सख्त महसूस होता है। कंधे में दर्द धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। कंधे को हिलाना तक मुश्किल हो जाता है। डायबिटीज की परेशानी के रूप में फ्रोजन शोल्डर बहुत कम जाना जाता है। यह ऐसा लक्षण है जिसके बारे में आंखों की रोशनी चली जाना, नर्व डैमेज होना, किडनी समस्या या अन्य की तुलना में चर्चा कम ही होती है। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि डायबिटीज का सीधा संबंध विटामिन डी और कैल्शियम की कमी, प्रतिरक्षा में कमी और ओस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) से है।
50 साल या इससे अधिक की उम्र वाले लोग जिन्हें फ्रोजन शोल्डर की शिकायत हो। उन्हें निश्चित रूप से डायबिटीज का चेकउप करा लेना चाहिए। कंधों में अकड़ या फ्रोजन शोल्डर इसलिए होता है क्योंकि आप एक्सरसाइज नहीं करते। जो लोग एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें कभी फ्रोजन शोल्डर नहीं होता। आपको तुरंत डायबिटीज की जांच करानी चाहिए। इसका इलाज शुगर व डाइट कंट्रोल और फिजियोथेरेपी से हो जाता है। जब तक अत्यंत गंभीर मामला न हो इसमें दवाई या सर्जरी की जरूरत नहीं होती है। बिना किसी सुधार के सालों तक चला जा सकता है। आराम के लिए दर्द वाली जगह पर 15 मिनट के लिए हीटिंग पैड का दिन में दो या तीन बार प्रयोग कर सकते हैं।
फीजियोथेरेपिस्ट की सलाह के अनुसार कुछ आसान एक्सरसाइज हैं, जिन्हें आप घर पर कर सकते हैं।
तौलिए को खींचना
तीन फीट लंबे तौलिये के एक सिरे को अपने पीछे से पकड़ें और इसके विपरीत सिरे को दूसरे हाथ से पकड़ें। तौलिए को टेढ़ा (हॉरिजोंटल) करके पकड़ें। बिना दर्द वाले बाजू से दूसरे प्रभावित बाजू को ऊपर की तरफ ले जाएं।
अपने बिना दर्द वाली बाजू से प्रभावित बाजू को कोहनी से उठाएं। इसे अपने शरीर से ऊपर की तरफ लाएं। अपने कंधे को खींचने में हल्का दबाव डालें। इसे करीब 15 से 20 सेकंड तक खींच कर रखें। इस बात को गाठ बांध लें कि आपको हल्का स्ट्रेच करना है जिससे कि आपके कंधों में ज्यादा खिंचाव न आए। अगर इसके बाद भी दर्द बना रहता है या बढ़ता है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।