कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने में जो चीज सबसे अधिक सहायक बन रही है, वो है मास्क। इसलिए पूरी दुनिया में लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है, चाहे वो अपने घर में अपने परिवार के साथ ही क्यों न हों। अब ये मास्क उनके लिए तो ठीक हैं जो शरीर से पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन उनका क्या जो सुन नहीं सकते, क्योंकि ऐसे लोग अक्सर दूसरों के होठों को पढ़कर ही उनकी बातें समझ पाते हैं। बधिर लोगों की इसी समस्या का हल इंग्लैंड की एक महिला ने ढूंढ निकाला है। उसने ऐसे पारदर्शी मास्क बनाए हैं, जो कोरोना का संक्रमण तो रोकेगा ही, साथ ही इसकी मदद से बधिर लोग सामने वाले व्यक्ति की बातों को भी उनके होठों को पढ़कर समझ सकते हैं।
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पारदर्शी मास्क पहने एक महिला (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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इस पारदर्शी मास्क को तैयार करने वाली महिला का नाम क्लेयर क्रॉस (45) है। उन्होंने इस मास्क की खूबियां बताते हुए कहा कि यह चेहरे पर आसानी से फिट हो जाता है और यह उन व्यक्तियों के लिए मददगार साबित हो सकता है, जो सुन सकने में असमर्थ हैं। आपको बता दें कि लॉकडाउन के बाद से लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि वो खुद भी संक्रमण के शिकार न हों और न ही दूसरों को संक्रमित कर सकें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बीबीसी के मुताबिक, क्लेयर क्रॉस एक पब में काम करती हैं। वह बताती हैं कि सबसे पहले उन्होंने अपने कुछ दोस्तों के लिए ऐसे पारदर्शी मास्क तैयार किए थे, जो सुन सकने में असमर्थ हैं यानी वो किसी के होठों को पढ़कर ही उनकी बातें समझ सकते हैं। हालांकि जब बाद में उन्होंने इस मास्क को सोशल मीडिया पर शेयर किया तो दूसरे लोगों ने भी उनसे ऐसे मास्क की मांग की। साथ ही बधिर लोगों का इलाज करने वाले डॉक्टरों और नर्सों ने भी उनसे कहा कि उन्हें ऐसे मास्क की जरूरत है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, क्लेयर ने ऐसे 100 मास्क बधिर लोगों में बांटे भी हैं। वह कहती हैं कि लॉकडाउन हट तो गया है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है, लेकिन इससे बधिर लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसलिए उन्होंने ऐसे मास्क तैयार किए, जिससे वो भी दूसरे लोगों की तरह राहत महसूस कर सकें और सामान्य जीवन जी सकें।
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नेशनल डीफ चिल्ड्रेंस सोसाइटी के मुताबिक, इंग्लैंड में ऐसे व्यक्तियों की संख्या लगभग 90 लाख है, जो सुन नहीं सकते। वो सिर्फ चेहरे और होठों के एक्सप्रेशन से ही दूसरों की बातों को समझ पाते हैं। ऐसे में जब तक ऐसे पारदर्शी मास्क बाजारों में उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक उन्हें कोरोना महामारी के दौरान सावधान रहने की जरूरत है।