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ई-सिगरेट के हैं शौकीन तो हो जाएं सावधान, नए शोध में वैज्ञानिकों ने किया डराने वाला दावा

Thu, 03 Sep 2020 01:49 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Thu, 03 Sep 2020 01:49 PM IST
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E cigarette flavourings produce toxic chemicals that cause breathing issues and other problems study warns
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

सिगरेट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, यह कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी का कारण बन सकता है, ये तो लगभग सभी लोग जानते हैं, लेकिन ई-सिगरेट को कम हानिकारक माना जाता है। एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ई-सिगरेट धूम्रपान से 95 फीसदी तक कम हानिकारक मानी जाती है और जो लोग सिगरेट नहीं छोड़ पा रहे हैं, उनके लिए ई-सिगरेट मददगार साबित हो सकती है। लेकिन एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि सिगरेट के विकल्प के तौर पर मानी जाने वाली ई-सिगरेट के गंभीर नुकसान हो सकते हैं। एक शोध के मुताबिक, ई-सिगरेट से पैदा होने वाले केमिकल्स इंसान के फेफड़ों में जाकर एक ऐसा नया संयोजन (कॉम्बिनेशन) बनाते हैं, जो जीवित कोशिकाओं के लिए जहर के समान हैं। 

E cigarette flavourings produce toxic chemicals that cause breathing issues and other problems study warns
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

वैज्ञानिकों के मुताबिक, वो केमिकल जो वैनिला, बेरी और दालचीनी जैसे फ्लेवर पैदा करते हैं, ई-सिगरेट के उपकरण में अन्य विलायक द्रवों के साथ मिश्रण कर स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं। नए शोध से पता चलता है कि उपकरणों के अंदर के रसायन फेफड़ों या रक्त वाहिकाओं और हृदय की कोशिकाओं के लिए विषाक्त हो सकते हैं। 

E cigarette flavourings produce toxic chemicals that cause breathing issues and other problems study warns
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

यह नया शोध अमेरिका के येल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ई-सिगरेट के केमिकल कई तरह की परेशानियों खड़ी कर सकते हैं, जिसमें हृदय गति का बढ़ना, दिल की अनियमित धड़कन, उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और  सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। 

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E cigarette flavourings produce toxic chemicals that cause breathing issues and other problems study warns
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं की टीम के प्रोफेसर स्वेन-एरिक जॉर्ड के मुताबिक, 'यह पहला ऐसा प्रमाण है, जिससे यह साबित होता है कि ये नए रसायन फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कुछ मामलों में, 40 फीसदी से अधिक फ्लेवर केमिकल्स ई-सिगरेट में नए रसायनों में बदल जाते हैं, अब तक उनकी विषाक्तता के बारे में लगभग कुछ भी ज्ञात नहीं था।' 

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E cigarette flavourings produce toxic chemicals that cause breathing issues and other problems study warns
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

साल 2018 में एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें किंग्स कॉलेज लंदन में टोबैको एडिक्शन के प्रोफेसर एन. मैकनील ने कहा था, 'जब लोग तंबाकू वाली सिगरेट पीते हैं तो वे धुएं के 7,000 घटक अपने अंदर ले जाते हैं, जिनमें से 70 को कैंसर पैदा करने वाला माना जाता है, लेकिन ई-सिगरेट में ये तत्व या तो बहुत कम मात्रा में हैं या हैं ही नहीं। इसलिए हमें विश्वास है कि ई-सिगरेट कम नुकसान पहुंचाती है।' हालांकि यह नई रिपोर्ट इसके ठीक उलट है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ई-सिगरेट गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। 

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