क्या आपको भी सीढ़ियां चढ़ते या हल्का सा काम करने पर सांस चढ़ने की दिक्कत महसूस होती है? सांस फूलने की समस्या बहुत आम है, ये किसी को भी हो सकती है। आमतौर पर लोग इसे थकान या उम्र बढ़ने का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, हालांकि अगर ये दिक्कत आपको अक्सर बनी रहती है तो सावधान हो जाइए, कुछ स्थितियों में ये गंभीर और जानलेवा समस्याओं का संकेत भी हो सकती है।
Breathlessness: अक्सर सांस फूलने की दिक्कत ने कर दिया है परेशान? कमजोर तो नहीं हो गया आपका दिल और फेफड़े
- अक्सर सांस फूलने की समस्या को हल्के में न लें, ये गंभीर बीमारियों का एक चेतावनी संकेत हो सकता है। अगर यह बार-बार हो रहा है या बिना वजह हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- यहां ध्यान देने वाली बात ये भी है कि हर बार सांस फूलने की दिक्कत हार्ट अटैक ही नहीं होती है।
सांस फूलने की दिक्कत को न करें इग्नोर
डॉक्टर कहते हैं, अक्सर सांस फूलने की समस्या को हल्के में न लें, ये गंभीर बीमारियों का एक चेतावनी संकेत हो सकता है। अगर यह बार-बार या बिना वजह हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
यहां ध्यान देने वाली बात ये भी है कि हर बार सांस फूलने की दिक्कत हार्ट अटैक ही नहीं होती है। इसलिए इसके सही कारणों को समझना और उसके आधार पर इलाज प्राप्त करना बहुत जरूरी हो जाता है।
हार्ट अटैक में सांस फूलने की दिक्कत
शोध बताते हैं कि करीब 40% हार्ट अटैक के मरीजों में सांस फूलने की शिकायत देखी जाती है। यह संकेत है हृदय पर बहुत ज्यादा दबाव का होता है जिसमें तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए।
जब किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक होता है, तो हृदय की मांसपेशियों को रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति अचानक रुक जाती है। हृदय सही तरीके से पंप नहीं कर पाता और फेफड़ों में खून का दबाव बढ़ने लगता है। इससे ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है और रोगी को तुरंत सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। यही कारण है कि हार्ट अटैक के साथ सीने में दर्द के अलावा अचानक सांस फूलना एक आम लक्षण है।
अस्थमा अटैक भी हो सकता है कारण
हार्ट अटैक में सांस की होने वाली ये दिक्कत अस्थमा के रोगियों में भी देखी जाती रही है।
अस्थमा फेफड़ों की क्रॉनिक बीमारी है जिसमें वायुमार्ग में सूजन हो जाती है। जब किसी को अस्थमा का अटैक आता है तो उसे सीटी जैसी आवाज के साथ सांस लेने में तकलीफ होने लगती है जिसके कारण वह तेज-तेज सांस लेने लगता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनियाभर में लगभग 26 करोड़ लोग अस्थमा से प्रभावित हैं और उनमें सांस फूलना सबसे आम लक्षण है। अस्थमा का समय पर इलाज और बचाव के उपाय करते रहना बहुत जरूरी है, ये गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
आपको एनीमिया तो नहीं?
बार-बार सांस फूलने की दिक्कत एनीमिया का भी संकेत हो सकती है। एनीमिया की स्थिति में शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है। हीमोग्लोबिन का काम शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाना है। जब खून में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं होता, तो ऑक्सीजन पूरे शरीर तक सही मात्रा में नहीं पहुंच पाती। इसके कारण थोड़ी सी मेहनत या चलने-फिरने पर भी सांस फूलने लगती है।
आंकड़ों के मुताबिक वैश्विक स्तर पर लगभग 25% आबादी एनीमिया का शिकार हो सकती है। महिलाओं और बच्चों में यह समस्या अधिक देखी जाती है।
----------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।