देश- दुनिया में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारत में भी अब तेजी से कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं। दुनिया में इस वायरस को लेकर कई तरह के शोध चल रहे हैं। भारत में भी कोविड- 19 को लेकर रिर्सच जारी हैं।
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कोविड- 19 के कैरेक्टर पर शोध करने की तैयारी, वुहान में मिले वायरस से होगी समीक्षा
Mon, 06 Jul 2020 03:30 PM IST
योगेश जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Mon, 06 Jul 2020 03:30 PM IST
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भारत की एक लैब में कोविड-19 के कैरेक्टर पर शोध करने की तैयारी चल रही है- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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शोध करने की योजना उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने बनाई है- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
उत्तर बंगाल मेडिकल कॅालेज के माइक्रो बायोलॅाजी विभाग ने बनाई योजना
- कोविड- 19 के कैरेक्टर पर शोध करने की योजना उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने बनाई है। यहां पर चीन के वुहान में मिले वायरस के साथ समीक्षा की जाएगी।
इस रिसर्च को लेकर जूनियर डॅाक्टर काफी उत्सुक हैं- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
उत्सुक हैं जूनियर डॅाक्टर
- माइक्रोबायोलॅाजी विभाग के अध्यक्ष प्रो डॉ अरुणव सरकार का कहना है कि इस रिसर्च को लेकर जूनियर डॅाक्टर काफी उत्सुक हैं। डॅाक्टरों की उत्सुकता को देखते हुए शोध कार्य के लिए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजने की योजना बनाई जा रही है। डॉ अरुणव सरकार ने बताया कि अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो पॉजिटिव नमूनों की प्रकृति का अध्ययन किया जाएगा।
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इस शोध में कई तरहों के परीक्षणों को करने की आवश्यकता होगी- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
कई तरहों के परीक्षणों की आवश्यकता
- प्रो डॉ अरुणव सरकार का कहना है कि इस शोध में कई तरहों के परीक्षणों को करने की आवश्यकता होगी। किसी भी वायरस के कैरेक्टर को समझने के लिए कई परीक्षण करने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
मोलकुलर मशीन की पड़ेगी आवश्यकता
- प्रो डॉ अरुणव सरकार का कहना है कि इस शोध को करने के लिए मोलकुलर मशीन की आवश्यकता पड़ेगी, जिसकी मांग भी की हुई है। यह मशीन कोरोना वायरस के कैरेक्टर को समझने में अनुसंधान का संचालन करेगी।