कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक प्रयासरत हैं। वो लगातार रिसर्च कर रहे हैं और नई-नई दवाइयों और वैक्सीन के असर के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। कोरोना मरीजों में कई दवाइयों का असर तो सकरात्मक देखा भी गया है। इन्ही दवाइयों में से एक है रेमडेसिविर। यह दवा दक्षिण कोरिया में 'लाइफ सेविंग ड्रग' साबित होती दिख रही है। यहां के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण कोरिया में हर तीन में से एक कोरोना मरीज को एंटीवायरल दवा रेमडेसिविर देने के बाद उनकी हालत में सुधार देखा गया है।
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रेमडेसिविर दवा
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कोरिया सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने अलग-अलग अस्पतालों में रेमडेसिविर दिए गए 27 मरीजों के पहले समूह के परिणामों की जानकारी दी। संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर क्वोन जून-वुक ने बताया कि इन मरीजों में से नौ की हालत में सुधार देखा गया जबकि 15 मरीजों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन तीन की हालत बिगड़ गई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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इस दवा पर अपने ताजा अपडेट में बायोटेक्नोलॉजी (जैव प्रौद्योगिकी) कंपनी गिलियड ने कहा कि एक विश्लेषण से पता चला कि रेमडेसिविर ने गंभीर रूप से बीमार कोरोना रोगियों में मौत के जोखिम को कम करने में मदद की है, लेकिन साथ ही कंपनी ने इसे लेकर आगाह भी किया कि दवा से होने वाले फायदे की पुष्टि के लिए सख्त क्लीनिकल ट्रायल की जरूरत थी।
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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बता दें कि दक्षिण कोरिया में बहुत पहले ही इस दवा के इस्तेमाल की अनुमति मिल गई थी। कई अन्य देशों में सकरात्मक परिणाम देखे जाने के बाद दक्षिण कोरिया के एक सरकारी पैनल ने इस दवा को कोरोना मरीजों को देने का फैसला किया था। हालांकि किसी मरीज को एक दिन में इसकी एक ही खुराक देने की अनुमति दी गई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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दक्षिण कोरिया के खाद्य और औषधि सुरक्षा मंत्रालय ने उस समय यह घोषणा की थी कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर मददगार और असरदार दवा है। अमेरिकी फूड एवं ड्रग प्रशासन ने भी मई महीने में इसके आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी थी।