भारत समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक इसकी वैक्सीन तो लॉन्च नहीं हुई है, लेकिन तब तक दवाइयों से ही काम चलाया जा रहा है। कई ऐसी दवाइयां हैं, जो कोरोना के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। अब देश की जानी-मानी फार्मास्यूटिकल कंपनी सिपला ने यह घोषणा की है कि वह अगस्त के पहले हफ्ते में कोरोना की एक नई दवा लॉन्च कर देगी। खास बात ये है कि इस दवा को बनाने के लिए सिपला ने अपना साझीदार भी चुन लिया है और वो भी भारत में ही। बताया जा रहा है कि यह दवा बाजार में मौजूद दवाओं की तुलना में 40 फीसदी सस्ती होगी। आइए जानते हैं इस दवा के बारे में वो सबकुछ, जिसे लोग जानना चाह रहे हैं। जैसे कि यह कहां और कैसे मिलेगी और सबसे जरूरी कि इसकी कीमत क्या होगी?
Coronavirus drug: अगस्त में लॉन्च होगी कोरोना की दवा, जानिए कहां और कैसे मिलेगी, कितनी होगी कीमत?
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कोरोना की इस दवा का नाम सिप्लेंजा है। इसे बनाने में हैदराबाद की एवरा लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सिपला की साझीदार बनी है। इसके लिए एवरा लेबोरेट्रीज को मंजूरी भी मिल गई है। दरअसल, एवरा लेबोरेट्रीज फेविपिरावीर एपीआई दवा बनाकर सिपला को भेजेगी और उसी से सिप्लेंजा दवा बनाकर सिपला उसे लॉन्च करेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एपीआई किसी भी तरह की दवा बनाने के लिए उसके कच्चे माल की तरह होता है।
एवरा लेबोरेट्रीज कई दशकों से दवाओं पर रिसर्च कर रही है और उसके उत्पादन के काम में लगी हुई है। पद्म भूषण डॉ. एवी रामा राव इस कंपनी के फाउंडर हैं। 1990 के दशक में उनकी वजह से ही एंटी-एड्स दवा बनाई जा सकी थी। इस दवा ने लाखों लोगों की जान बचाई थी।
जेनेरिक दवा है सिप्लेंजा
- कोरोना की यह दवा सिप्लेंजा जेनेरिक दवा है। इसे बनाने में लागत कम लगने की वजह से ही यह काफी सस्ते में बाजारों में उपलब्ध होगी। इसकी कीमत 68 रुपये प्रति टैबलेट होगी। चूंकि यह दवा भारत में ही बनेगी, ऐसे में यह यहां आसानी से मिल जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी दवा का सेवन करने से पहले आप डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
कोरोना की दवा फैबिफ्लू की क्या है कीमत
- फिलहाल ग्लेमार्क कंपनी फेविपिरावीर से कोरोना की दवा बना रही है, जिसका नाम फैबिफ्लू है। बाजार में इसके टैबलेट की कीमत 104 रुपये है, लेकिन सिप्लेंजा इससे करीब 40 फीसदी सस्ती है।