कोरोना वायरस के बारे में शुरुआत से यही बात कही जा रही थी कि यह हमारी नाक और मुंह के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश करता है और सबसे पहले हमारे श्वसन तंत्र पर हमला करता है। बाद के महीनों में अग्रेतर शोधों से पता चला कि यह हमारी आंखों के जरिए भी शरीर में प्रवेश कर सकता है। अब चीन में कोरोना का एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 64 साल की बुजुर्ग महिला की आंखों में कोरोना वायरस मिला है। यह जानकर और ज्यादा आश्चर्य होगा कि कोविड से ठीक होने के दो महीने बाद उसकी आंखों में वायरस मिला। आइए जानते हैं इस मामले के बारे में विस्तार से:
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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खबरों के मुताबिक, 64 वर्षीय बुजुर्ग महिला इसी साल जनवरी में संक्रमित हुई थी। उसमें पांच दिन तक सूखी खांसी और नौ दिन तक डायरिया के लक्षण दिखे थे। इसके बाद 31 जनवरी को महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसे बुखार भी आ रहे थे। छाती का सीटी स्कैन करने पर उसके फेफड़ों में संक्रमण का असर दिखा, जिसके बाद उसकी नाक से स्वाब सैंपल लिया गया। जांच के बाद कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के समय महिला को कोई गंभीर समस्या नहीं थी। आंखों में तो कोई दिक्कत थी ही नहीं। उसका इलाज शुरू हुआ और फिर 18 व 20 फरवरी को उसकी फिर से कोरोना जांच हुई। जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल से घर जाने के आठ दिन बाद उसकी दाईं आंख में दर्द होना शुरू हुआ।
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सांकेतिक तस्वीर
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आंखों में दर्द बढ़ने लगा तो उसे देख पाने में भी परेशानी होने ली। जब दर्द असहनीय होने लगा और आंखों से दिखना बहुत कम होने लगा तो महिला अस्पताल पहुंची। आठ मार्च को चिकित्सकों ने पाया कि महिला ग्लूकोमा अटैक से जूझ रही थी। दबाव के कारण आंखों में दर्द हो रहा था। डॉक्टर ने उसे पहले दवा दी और दर्द कम करने की कोशिश की, लेकिन दवाओं से ज्यादा फायदा नहीं हुआ तो सर्जरी ही रास्ता बचा।
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चीन के वुहान स्थित सेंटर थिएटर कमांड अस्पताल में महिला के आंखों की दो बार सर्जरी हुई। दाहिने आंख की सर्जरी 14 मार्च को बाएं आंख की सर्जरी 15 मार्च को की गई। इसके बावजूद भी आंखों में लगातार दबाव और दर्द बढ़ता रहा। 10 अप्रैल को फिर से उसकी सर्जरी की गई और इस दौरान जब आंखों से लिए गए टिश्यू सैंपल की जांच की गई तो उसमें कोरोना वायरस का प्रोटीन मिला।