गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस समय शरीर को पहले की तुलना में ज्यादा पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है, क्योंकि मां के साथ गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी लगातार हो रहा होता है। ऐसे में रोज का खान-पान केवल पेट भरने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें शरीर की जरूरत के मुताबिक पोषण भी होना जरूरी है।
सेहत की बात: मां की डाइट से बच्चे तक पहुंचता है पोषण, आहार में जरूर शामिल करें ये चीजें
गर्भावस्था में मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए संतुलित पोषण जरूरी है, इसलिए खानपान पर खास ध्यान दें। दूध, दही और पनीर से कैल्शियम व प्रोटीन मिलते हैं, अंडे से प्रोटीन और कोलीन प्राप्त हो सकता है।
दूध, दही और पनीर से मिलेगा कैल्शियम और प्रोटीन
गर्भावस्था में शिशु के विकास के लिए शरीर को अतिरिक्त प्रोटीन और कैल्शियम की जरूरत होती है। ऐसे में दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं।
- कैल्शियम शिशु की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व है। डेयरी खाद्य पदार्थ कैल्शियम के अच्छे स्रोत होने के साथ फास्फोरस, विटामिन-बी, मैग्नीशियम और कॉपर जैसे पोषक तत्व भी देते हैं।
- दही भी गर्भावस्था के दौरान अच्छा विकल्प हो सकता है। खासकर ग्रीक योगर्ट में सामान्य डेयरी उत्पादों की तुलना में कैल्शियम की मात्रा अधिक हो सकती है। हालांकि, डेयरी उत्पादों का चुनाव करते समय डॉक्टर की सलाह और व्यक्तिगत स्वास्थ्य जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए।
अंडे को डाइट में शामिल करना क्यों जरूरी?
अंडा प्रोटीन के साथ कई जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने वाला खाद्य पदार्थ है। एक बड़े अंडे में करीब 80 कैलोरी, उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, वसा और कई विटामिन व खनिज पाए जाते हैं।
- गर्भावस्था में अंडे की एक खासियत इसमें मौजूद कोलीन है। यह ऐसा पोषक तत्व है जिसकी शिशु के मस्तिष्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
- गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क के विकास के साथ-साथ रीढ़ की सामान्य संरचना के लिए भी कोलीन जरूरी माना जाता है।
- इसलिए अगर महिला को अंडे से किसी तरह की एलर्जी या डॉक्टर की ओर से कोई विशेष मनाही नहीं है, तो इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। गर्भावस्था में अंडा हमेशा अच्छी तरह पका हुआ ही खाना चाहिए।
हरी सब्जियां और ब्रोकली भी जरूरी
गर्भावस्था के दौरान प्लेट में हरी सब्जियों को जगह देना काफी फायदेमंद हो सकता है। पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों और ब्रोकली में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनमें फाइबर, विटामिन-सी, विटामिन-के, विटामिन-ए, कैल्शियम, आयरन, फोलेट और पोटेशियम शामिल हैं।
- इन पोषक तत्वों की जरूरत गर्भावस्था के दौरान शरीर की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में मदद करती है। खासकर फोलेट गर्भावस्था के दौरान महत्वपूर्ण पोषक तत्व है।
- हरी सब्जियों में मौजूद फाइबर का एक और फायदा है। यह पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में उपयोगी हो सकता है। इसलिए रोज के भोजन में अलग-अलग तरह की हरी सब्जियां शामिल करना बेहतर विकल्प माना जाता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
गर्भावस्था में शरीर को अलग-अलग पोषक तत्वों की जरूरत होती है, इसलिए भोजन में डेयरी उत्पाद, अंडे, हरी सब्जियों के साथ अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भी शामिल करना चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी और अन्य स्वस्थ तरल पदार्थ लेना भी जरूरी है।
यदि गर्भवती महिला को मधुमेह, थायरॉइड, एनीमिया या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो उसके अनुसार आहार में बदलाव के लिए डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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