कैसे खतरनाक हो सकता है सैनिटाइजर? जानिए कब, कितनी बार और कितनी मात्रा में करें इस्तेमाल
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- शरीर में अच्छे और बुरे दोनों तरह के बैक्टीरिया पाए जाते हैं। सैनिटाइजर के अधिक इस्तेमाल से बुरे बैक्टीरिया के साथ ही अच्छे बैक्टीरिया भी समाप्त हो जाते हैं। इन अच्छे बैक्टीरिया का हमारे शरीर में होना बहुत जरूरी है क्योंकि ये हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। एक रिपोर्ट मे ये कहा गया है कि अगर जरूरी हो तभी हमें सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।
अगर आपके पास साबुन से हाथ धोने का विकल्प हो
- एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि साबुन से हाथ धोना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए 20 सेंकड तक साबुन और पानी से हाथ धोने चाहिए। अगर जरूरी हो तब ही सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
गंदे हाथों को साफ नहीं करता सैनिटाइजर
- सैनिटाइजर गंदे हाथों को सही तरीके से साफ नहीं कर पाता है। उदाहरण के लिए आपको बताते हैं, अगर आपके हाथों में किचड़ या मिट्टी लगी है और आप उस समय सैनिटाइजर का प्रयोग करेंगे तो इससे हाथ साफ नहीं हो पाएंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार सैनिटाइजर मिट्टी लगे हुए हाथों के किटाणुओं को मारने में सक्षम नहीं है, इसलिए हाथों को पानी और साबुन से धोना ही बेहतर है। खेतों में काम करने के बाद या कहीं बाहर से आने के बाद साबुन और पानी से हाथ धोएं।
कोई बार-बार छींक रहा है तो न करें सैनिटाइजर का प्रयोग
- अगर आपके पास में बैठा हुआ व्यक्ति बार-बार छींक रहा है तो आपको हर बार सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की आवश्यता नहीं है। ऐसी परिस्थिति में इंफेक्शन होने का खतरा सांस लेते समय हवा की बूंदों से रहता है। बेहतर है उस व्यक्ति से दूरी बनाई जाई। ऐसे समय में सैनिटाइजर के अधिक इस्तेमाल से बचें।