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इन 6 लक्षणों से पहचानें ब्लड कैंसर का शुरूआती स्टेज
Thu, 04 Jul 2019 07:01 AM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Thu, 04 Jul 2019 07:01 AM IST
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रक्त कैंसर यानी ल्यूकेमिया में सफेद रक्त कणिकाओं का बनना बंद हो जाता है या फिर बहुत ही कम हो जाता है। भारत में लगभग एक लाख लोगों में इस बीमारी का पता हर साल लगाया जाता है। ल्यूकेमिया भी दो तरह का होता है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर इस बीमारी का पता लगाकर अगर इसका ईलाज शुरु कर दिया जाए तो बहुत से मरीजों की जान बचाई जा सकती हैं। इसके लिए आपको ये जानना जरूरी है कि रक्त कैंसर के शुरूआती लक्षण क्या हैं ताकि आशंका होने पर आप डॉक्टर से संपर्क कर सकें ।
थकान और कमजोरी
अगर किसी को नींद पूरी होने के बाद भी थकान और कमजोरी बनी रहती है तो हो सकता है इसकी वजह ल्यूकेमिया हो। लेकिन कभी कभी एनीमिया की शिकायत होने पर भी कमजोरी लगती है।
सांस फूलना
बहुत ज्यादा कमजोरी होने की वजह से जरा सा काम करने या फिर चलने, सीढी चढ़ने से अगर किसी की सांस बहुत ज्यादा फूलने लगे तो उसे तुरंत अपना किसी अच्छे डॉक्टर से जरुर चेकअप कराना चाहिए।
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शरीर पर नीले धब्बें का होना
अगर शरीर पर किसी तरह की चोट लगे बिना ही नीले धब्बे दिखाई दें तो इसका मतलब है कि शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं का बनना बंद हो गया है।
मसूड़ों में सूजन
एक्यूट ल्यूकेमिया के लक्षणों में मसूड़ों का फूलना भी शामिल है। जरुरी नहीं कि दांत में समस्या होने पर ही आपके मसूड़ों में सूजन आए।
पेट फूलना
कभी-कभी पेट फूलने का कारण स्प्लीन के आकार में बढ़ना हो सकता है। यह समस्या एक्यूट और क्रोनिक दोनों तरह के ल्यूकेमिया में हो सकती है। इसमें भूख न लगना या फिर पेट हर समय भरा लगता है।
लगातार बुखार होना
अगर किसी को लगातार बुखार हो रहा है तो इसका मतलब उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है और ऐसा शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं के कम होने की वजह से होता है।
पसीना होना
रात में सोते-सोते अगर कोई पसीना से भीग जाएं तो तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि शरीर में किसी संक्रमण की वजह से ये होता है। ल्यूकेमिया के लक्षणों में ये इसे भी शामिल किया जा सकता है।
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थकान और कमजोरी
अगर किसी को नींद पूरी होने के बाद भी थकान और कमजोरी बनी रहती है तो हो सकता है इसकी वजह ल्यूकेमिया हो। लेकिन कभी कभी एनीमिया की शिकायत होने पर भी कमजोरी लगती है।
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सांस फूलना
बहुत ज्यादा कमजोरी होने की वजह से जरा सा काम करने या फिर चलने, सीढी चढ़ने से अगर किसी की सांस बहुत ज्यादा फूलने लगे तो उसे तुरंत अपना किसी अच्छे डॉक्टर से जरुर चेकअप कराना चाहिए।
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शरीर पर नीले धब्बें का होना
अगर शरीर पर किसी तरह की चोट लगे बिना ही नीले धब्बे दिखाई दें तो इसका मतलब है कि शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं का बनना बंद हो गया है।
मसूड़ों में सूजन
एक्यूट ल्यूकेमिया के लक्षणों में मसूड़ों का फूलना भी शामिल है। जरुरी नहीं कि दांत में समस्या होने पर ही आपके मसूड़ों में सूजन आए।
पेट फूलना
कभी-कभी पेट फूलने का कारण स्प्लीन के आकार में बढ़ना हो सकता है। यह समस्या एक्यूट और क्रोनिक दोनों तरह के ल्यूकेमिया में हो सकती है। इसमें भूख न लगना या फिर पेट हर समय भरा लगता है।
लगातार बुखार होना
अगर किसी को लगातार बुखार हो रहा है तो इसका मतलब उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है और ऐसा शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं के कम होने की वजह से होता है।
पसीना होना
रात में सोते-सोते अगर कोई पसीना से भीग जाएं तो तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि शरीर में किसी संक्रमण की वजह से ये होता है। ल्यूकेमिया के लक्षणों में ये इसे भी शामिल किया जा सकता है।