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Chhath Puja Bhajan: छठ पूजा पर इस भजन को गाएं, ताकि माहौल हो जाए भक्तिमय
Sun, 26 Oct 2025 02:59 PM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Sun, 26 Oct 2025 02:59 PM IST
सार
Chhath Puja Bhajan: छठ पूजा के दौरान भजनों का भी काफी महत्व होता है, जिनके बारे में हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं।
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छठ पूजा के भजन
- फोटो : freepik
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विस्तार
Chhath Puja Bhajan: छठ पूजा बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड का प्रमुख पर्व है, जिसमें सूर्य देव और छठी माई की पूजा की जाती है। इस पर्व का सबसे भावनात्मक पहलू इसके पारंपरिक भजन और गीत हैं, जो श्रद्धा, भक्ति और लोक संस्कृति की गूंज को जीवंत करते हैं।
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छठ के भजन न केवल त्योहार की रौनक बढ़ाते हैं, बल्कि लोगों के दिलों को भक्ति रस से भर देते हैं। घाटों पर जब छठ पूजा के गीत गूंजते हैं, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है।
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महिलाएं खरना और अर्घ्य के समय इन भजनों को गाकर सूर्य देव का आशीर्वाद मांगती हैं। आज के समय में छठ भजनों के नए वर्ज़न भी खूब पसंद किए जा रहे हैं, जो परंपरा और आधुनिक संगीत का सुंदर मेल हैं। यहां एक पारंपरिक भजन की लिरिक्स दी जा रही है।
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पहिले पहिल, छठी मईया
- फोटो : Instagram
पहिले पहिल, छठी मईया- शारदा सिन्हा
पहिले पहिल हम कईनी
छठी मईया व्रत तोहार।
करिहा क्षमा छठी मईया
भूल-चूक गलती हमार।
सब के बलकवा के दिहा
छठी मईया ममता-दुलार
पिया के सनईहा बनईहा
मईया दिहा सुख-सार।
नारियल-केरवा घोउदवा
साजल नदिया किनार
सुनिहा अरज छठी मईया
बढ़े कुल-परिवार।
पहिले पहिल हम कईनी
छठी मईया व्रत तोहार।
करिहा क्षमा छठी मईया
भूल-चूक गलती हमार।
सब के बलकवा के दिहा
छठी मईया ममता-दुलार
पिया के सनईहा बनईहा
मईया दिहा सुख-सार।
नारियल-केरवा घोउदवा
साजल नदिया किनार
सुनिहा अरज छठी मईया
बढ़े कुल-परिवार।