Safalta Talks : ग्राहकों को किसी उत्पाद को खरीदने के लिए प्रेरित करने की कला को सेल्स कहते हैं : सुभाष
अतिथि वक्ता : सुभाष मलिक, मेंटर इक्यूवेशन सेंटर, भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग दिल्ली, सीनियर मेंटर बीवाईएसटी
विषय : सेल्स, सीआरएम, चैनल मैनेजमेंट
विस्तार
सफलता.कॉम द्वारा सेल्स, सीआरएम और चैनल मैनेजमेंट विषय पर आयोजित किए गए एक मास्टर क्लास सेशन में अतिथि वक्ता मेंटर इक्यूवेशन सेंटर, भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग दिल्ली, सीनियर मेंटर बीवाईएसटी सुभाष मलिक ने शायराना अंदाज में कहा कि "मंजिल का फासला देखकर डर मुझे भी लगा, पर मैं बढ़ता ही गया अपना रास्ता खुद ढूंढ़कर, मंजिल खुद व खुद मेरे करीब आती गई, मेरा ये हौसला देखकर।" उन्होंने सेल्स पर कहा कि पहले लोग सेल करने के लिए लोगों को डेमो दिखाकर अपना विश्वास जगाते थे। ताकि उनका उत्पाद अच्छा है या नहीं ये लोग अपनी आंखों से देखकर उनका उत्पाद खरीदें। आज के समय में ग्राहक बहुत जागरूक हैं।
सेल्स में प्रभावी है स्टोरी टेलिंग
उन्होंने कहा कि अगर मैं सेल्स की परिभाषा की बताऊं तो ग्राहकों को किसी प्रोडक्ट को खरीदने के लिए तैयार करने की कला और विज्ञान को सेल्स कहते हैं। लेकिन सबसे पहले हमें ग्राहकों की जरूरतों को जानना जरूरी होता है। सेलिंग कैसे करें ये मास्टर्स या लीडर्स से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेल्स में स्टोरी टेलिंग बहुत प्रभावी है। जो हमारे पहले से सहमत ग्राहकों का डेटा है उनसे बात करें, उनका फीडबैक लें जोकि पॉजिटिव होगा। उसी पर अपनी स्टोरी तैयार कर लें। कई बार स्टोरी में ही समस्या आ जाती है जिसका आपकी कंपनी ने समाधान किया।
ग्राहकों के सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानना भी है जरूरी
सांस्कृतिक महत्व के बारे में सेल्स पर्सन जरूर पता करें क्योंकि कई बार स्थानीय संस्कृति के बारे में जानने से आप वहां के निवासी से भावनात्मक रूप से कनेक्ट कर सकते हैं जिससे सेल्स में आसानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि आजकल के युवा जो रैंडम कॉल करके किसी को भी कुछ भी खरीदने के लिए पूछ रहे हैं वह सही नहीं है। केवल लीड में नाम और नंबर जान लेने से आप उस व्यक्ति के बारे में अधिक नहीं जान पाएंगे। इससे भी आगे की बात ये है कि क्या जो उत्पाद आप उसे खरीदने के लिए कह रहे हैं क्या उसकी हैसियत है उसे खरीदने की तो पहले आय, शिक्षा, वर्ग आदि की जानकारी जरूर ले लें।
नकारात्मक सवाल न करें सेल्स पर्सन
उन्होंने कहा कि सेल्स में निगेटिव बोलकर हेल्थ बीमे बेचे जाते हैं कि सर, आपने हेल्थ पॉलिसी ली है क्या अगर कल को आपको कुछ हो गया तो क्या होगा। ऐसे में व्यक्ति नकारत्मक सवालों से झुंझला जाता है। बेहतर यही होगा कि आप उससे पूछें कि सर हमारे पास ये हेल्थ पॉलिसी है आपने अपने घर में हेल्थ पॉलिसी पहले ही ले रखी होगी। अगर आपके बच्चे या किसी और की हेल्थ पॉलिसी नहीं है तो आप इस पॉलिसी को ले सकते हैं। वो पॉजिटिव आपके लिए हो सकता है। आपने सेल्स में सामने वाले को यस या नो का विकल्प नहीं देना है।