सर्वे में दावा : परिवार को समय देने के लिए नौकरी बदलना चाहते हैं 82 फीसदी भारतीय
महिला पेशेवरों का कहना है कि मौजूदा कंपनी इस साल उनके वेतन में इजाफा कर सकती है। ऐसे होने पर वे नौकरी नहीं छोड़ेंगी। सर्वे में शामिल 43% महिलाओं ने कहा कि अगर वर्तमान कंपनी उनका वेतन बढ़ाती है तो वे यहीं बनी रहेंगी।
विस्तार
महामारी के बावजूद परिवार को समय देने के लिए इस साल 82% भारतीय नौकरी बदलना चाहते हैं। लिंक्डइन के सर्वे के मुताबिक, 2022 में नौकरी बाजार में हलचल जारी रहेगी। वर्क फ्रॉम होने की वजह से वर्क लाइफ बैलेंस बिगड़ने के कारण बड़ी संख्या में नौकरीपेशा नए अवसर की तलाश करे रहे हैं।
इसमें सबसे ज्यादा 92 फीसदी हिस्सेदारी फ्रेशर्स की है। 87 फीसदी जेनरेशन जेड (1990 के मध्य के बाद पैदा हुए लोग) भी इस साल नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरी बदलने में महिला नौकरीपेशा पुरुषों से आगे हैं।
महिलाओं का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम की वजह से उनका वर्क लाइफ बैलेंस बिगड़ गया है। इस बेहतर करने और में सुधार लाने के लिए वे तेजी से नए अवसर की तलाश कर रही हैं। सर्वे में शामिल 43 फीसदी महिला कर्मचारियों ने कहा कि वे सक्रिय रूप से नई नौकरी ढूंढ रही हैं। 37% नौकरी बदलने की योजना बना रही हैं।
पेशेवरों में बढ़ा छंटनी का डर
लिंक्डइन न्यूज इंडिया के मैनेजिंग एडिटर अंकित वेंगरलेकर का कहना है कि 45 फीसदी पेशेवर अपनी मौजूदा नौकरी से संतुष्ट हैं। 38 फीसदी का कहना है कि उन्हें इस साल बेहतर मौका मिल रहा है। अंकित ने बताया कि महामारी के बाद से लोगों में नौकरी जाने का डर बढ़ गया है। 71 फीसदी पेशेवर अब यह सवाल ज्यादा पूछने लगे हैं कि आखिर उनकी क्षमता क्या है? किस क्षमता और काबिलियत के आधार पर उन्हें यह नौकरी मिली है और आगे बनी रहेगी या नहीं?
नौकरी बदलने की कई वजहें
सर्वे में शामिल 30% नौकरीपेशा ने कहा कि उन्हें ऐसे काम की तलाश है, जिसमें काम के साथ परिवार को भी समय दिया जा सके। 28% पर्याप्त वेतन नहीं मिलने की वजह से नए अवसर की तलाश में हैं। वहीं, 23% पदोन्नति के लिए नई नौकरी ढूंढ रहे हैं।
महिला पेशेवरों को वेतन बढ़ने की उम्मीद
महिला पेशेवरों का कहना है कि मौजूदा कंपनी इस साल उनके वेतन में इजाफा कर सकती है। ऐसे होने पर वे नौकरी नहीं छोड़ेंगी। सर्वे में शामिल 43% महिलाओं ने कहा कि अगर वर्तमान कंपनी उनका वेतन बढ़ाती है तो वे यहीं बनी रहेंगी। ऐसे पुरुष कर्मचारी 39 फीसदी हैं।