Leadership: नेतृत्व का नया मंत्र! केवल परिणाम नहीं, सोच-नवाचार और संबंधों पर भी हो ध्यान; जानिए सफलता का राज
Leadership Mantra: नेतृत्व में सफलता सिर्फ परिणामों से नहीं, बल्कि टीम की सोच, नवाचार, संबंध और सीखने की संस्कृति से मिलती है। आपको केवल काम की दक्षता या परिणामों पर ही नहीं, बल्कि टीम के सदस्यों के सोचने के तरीकों, नवाचार, संबंध और सीखने की संस्कृति पर भी ध्यान देना चाहिए।
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Harvard Business Review: कार्यस्थल पर लगभग हर किसी का एक बॉस होता है और वही कामकाज और अन्य चीजों से जुड़े दिशा-निर्देश तय करता है। पूरी टीम के साथ आप भी उसी अनुसार काम करते हैं। हालांकि, जब आप किसी कंपनी में शीर्ष नेतृत्व पर पहुंच जाते हैं, तो आपकी भूमिका बदल जाती है। अब आपको न केवल टीम का सही मार्गदर्शन करते हुए बेहतर रणनीति बनानी होती है, बल्कि यह भी ध्यान में रखना होता है कि आपके फैसले सभी के हित में हों।
ऐसे में, सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि काम करने के तरीके या केवल परिणाम, किस पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए? उच्च ओहदे पर रहते हुए आपको केवल काम की दक्षता या परिणामों पर ही नहीं, बल्कि टीम के सदस्यों के सोचने के तरीकों, नवाचार, संबंध और सीखने की संस्कृति पर भी ध्यान देना चाहिए। तभी आप एक ऐसा माहौल बना पाएंगे, जो सफल और सभी के लिए प्रेरणादायक हो।
विचारों को प्राथमिकता दें
टीम की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए समय-समय पर बैठकें आयोजित करते रहें। इन बैठकों की शुरुआत यह पूछकर करनी चाहिए कि पिछले कुछ हफ्तों में क्या अच्छा नहीं हुआ और टीम ने उससे क्या सीखा? या हाल ही में टीम ने कौन-से नए कौशल सीखे हैं। इससे टीम के सदस्यों के सोचने का दायरा बढ़ेगा। वे केवल काम खत्म करने के बारे में नहीं सोचेंगे, बल्कि लगातार कुछ नया सीखने और नवाचार करने पर भी ध्यान देंगे।
हरदम नयापन लाते रहें
अक्सर हम एक ही प्रक्रिया, एक ही टीम और एक ही एजेंडे के साथ काम करते रहते हैं और मान लेते हैं कि ऐसा करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। हालांकि, ऐसा नहीं होता है। अलग-अलग लोगों के विचार और दृष्टिकोण भी अलग होते हैं, जिससे नए और बेहतर परिणाम निकलकर सामने आ सकते हैं। ऐसे में, टीम को नए लोगों से जुड़ने और ऑफिस के बाहर भी विभिन्न पृष्ठभूमि के इन्सानों से बात करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे टीम के विचारों में विविधता आएगी और बेहतर परिणाम भी मिलेंगे।
मेहनती सदस्यों का हौसला बढ़ाएं
बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को पुरस्कृत करना बेशक जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही उन सदस्यों का भी हौसला बढ़ाएं जो सुनते हैं, रिसर्च करते हैं, चुनौती देते हैं, दीर्घकालिक रणनीति पर काम करते हैं और टीम को सोचने पर मजबूर करते हैं। इससे टीम में सहयोग और नवाचार की भावना बढ़ेगी।
चुनौतीपूर्ण क्षणों में
एक प्रबंधक के रूप में खुद का और कंपनी का विकास, दोनों को एक साथ लेकर चलना आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इससे निपटने के लिए अपनी पूर्वधारणाओं और निर्णयों की समीक्षा करें। अपने विचारों में विविधता लाएं। इससे ही आप दोनों का हित साध सकते हैं और संगठन को दीर्घकालिक सफलता दिलाने में महती भूमिका निभा सकते हैं।