Review: नौकरी में संतुलन जरूरी, लचीलापन और आत्म-संतुष्टि से मिलती है सफलता; यहां जानें कार्य संतुलन का तरीका
Career Growth Tips: ऑस्ट्रेलिया की पिलंडर्स यूनिवर्सिटी की लेक्चरर क्रिस्टीन अबलाजा का मानना है कि भले ही आपके पास नौकरी हो, लेकिन अगर उसमें संतुलन नहीं है तो वह आपके मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
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Career Growth Tips: नौकरी होना किसी इन्सान की खुशी और भलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि, सभी नौकरियां एक समान नहीं होती हैं। स्थायी या पूर्णकालिक नौकरियों को सबसे अच्छा माना जाता है, जबकि असुरक्षित या अनिश्चित नौकरियां भलाई को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाती हैं। हालांकि, सभी असुरक्षित नौकरियां एक जैसी नहीं होती हैं।
एक शोध से पता चला है कि किसी नौकरी में उसकी संरचना कैसी है, कार्य, जिम्मेदारियां और नेतृत्व कैसे तय होते हैं, यह ज्यादा मायने रखता है। इससे उसमें संतुलन बना रहता है। इसलिए नौकरी संतोषजनक होगी या नहीं, यह पता लगाने के लिए उसके संतुलन को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। इसके कुछ तरीके हैं। ऐसा करने से कॅरिअर में आगे बढ़ने के रास्ते खुलते हैं।
अच्छी नौकरी, बुरी नौकरी
आनें कलेबर्ग की गुड जॉब्स, बैड जॉब्स और गाइ स्टैंडिंग की द प्रीकैरियट जैसी कई पुस्तकों में व्यक्तियों, उनके परिवारों और समुदाय पर नौकरी की असुरक्षा के नकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है। इसमें बताया गया है कि अपने लिए काम करने वाले या निजी व्यवसाय से पैसे कमाने वाले लोग अधिक संतुष्ट रहते हैं, क्योंकि उन्हें अधिक स्वायत्तता, लचीलापन और अपने कौशल इस्तेमाल करने के अवसर मिलते हैं। इसके विपरीत, कुछ कंपनियों में नियुक्त कर्मचारी अक्सर कम संतुष्ट रहते हैं, क्योंकि उन्हें निर्णय लेने की आजादी, कौशल विकास के अवसर और सुरक्षा बहुत कम मिलती है। नौकरी की गुणवत्ता इसकी संरचना पर निर्भर करती है, बजाय इसके कि यह स्थायी है या अस्थायी।
बेहतर नौकरियों का डिजाइन
किसी भी नौकरी में यदि स्वतंत्रता, कौशल का इस्तेमाल करने की छूट, कार्य विविधता और लचीलापन जैसी विशेषताएं शामिल हों, तो कर्मचारी अधिक संतुष्ट रहते हैं, चाहे वह नौकरी स्थायी हो या अस्थायी। जब ये विशेषताएं किसी असुरक्षित नौकरी में शामिल हो जाती हैं, तो उनका प्रभाव भी सकारात्मक ही हो जाता है। हालांकि, यदि ये तत्व किसी नौकरी में शामिल नहीं हैं, तो नौकरी कैसी भी हो, उसमें असुरक्षा, तनाव और असंतोष की भावना पैदा होती ही है। इसलिए नौकरी में इन चीजों का संतुलन होना बेहद जरूरी है।
ध्यान रखने योग्य बातें
जबकि नौकरी में सुरक्षा मायने रखती है, लेकिन यह इस बारे में भी है कि नौकरी कैसे डिजाइन की गई है। यह जानकारी हमारे काम के बारे में सोचने के तरीके को बदलती है। बेहतर संरचना वाली नौकरी न केवल कर्मचारियों को अच्छा अनुभव देती है, बल्कि यह कार्यस्थल में लैंगिक समानता और समावेशन को भी बढ़ावा देती है। इसलिए अगली बार आप जब भी नौकरी के लिए आवेदन करें, तो इस बात का विशेष ख्याल रखें कि कंपनी आपकी पेशेवर संतुष्टि के मानकों पर खरी उतर रही है या नहीं। - द कन्वर्सेशन