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भारतीय युवाओं को अब आसानी से मिलेगी विदेशी शिपिंग कंपनियों में नौकरी
Wed, 22 Jan 2020 06:06 PM IST
Mohit Mudgal
जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mohit Mudgal
Updated Wed, 22 Jan 2020 06:06 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : file photo
नौवहन के क्षेत्र में भारतीय युवाओं को अब आसानी से विदेशी कंपनियों में नौकरी मिल सकेगी। इसके लिए सरकार ने केंद्रीय नौवहन मंत्रालय को दूसरे देशों के साथ म्यूचुअल रिकोगनिशन ऑफ सर्टिफिकेट के लिए अधिकृत कर दिया है। अब नौवहन मंत्रालय के मंत्री तथा विदेश मंत्री की अनुमति से केंद्र सरकार का जहाजरानी महानिदेशालय दूसरे देशों के अपने समकक्षों के साथ प्रमाणपत्र को मान्यता देने संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर कर सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया।
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भारतीय प्रमाणपत्रों को विदेश में भी मिलेगी मान्यता
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने बताया कि इस तरह का समझौता करने के बाद भारतीय नाविकों या जहाजरानी के क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले युवाओं को आसानी से विदेशी शिपिंग कंपनियों में नौकरी मिल सकेगी। प्रस्तावित द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन से भारत और वह देश जिससे यह समझौता हुआ है, एसटीसीडब्ल्यू के नियमन 1/10 के प्रावधानों के अनुसार अपने-अपने देशों के नाविकों को जारी समुद्री शिक्षा एवं प्रशिक्षण, सक्षमता के प्रमाणपत्रों, अनुमोदन, प्रशिक्षण के दस्तावेजी सबूत, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्रों को मान्यता देने में सक्षम होंगे।
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सबसे ज्यादा फायदा भारत को
इस द्विपक्षीय समझौते से दोनों देशों के नाविकों को दोनों में से किसी भी देश के जहाजों पर उनके प्रमाणपत्रों को मिली मान्यता के आधार पर रोजगार मिल सकेगा। सबसे ज्यादा प्रशिक्षित नाविकों के साथ दूसरे देशों को नाविक उपलब्ध कराने वाला भारत इस समझौते से फायदे में रहेगा।
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इस कंपनी को बंद करने की मंजूरी
जावड़ेकर ने बताया कि मंत्रिमंडल के आर्थिक मामलों की समिति ने रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग के तहत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बन लिमिटेड को बंद करने की मंजूरी दे दी है। यह कंपनी लगभग बंद होने के कागार पर है।