UPSC Prelims 2025: अब सिर्फ रिवीजन और प्रैक्टिस का समय... जानें यूपीएससी परीक्षा से पहले के जरूरी टिप्स
UPSC Civil Services Exam Tips: देश की सबसे प्रतिष्ठित और प्रतिस्पर्धी यूपीएससी सिविल सेवा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा आगामी 25 मई को आयोजित होने वाली है। जिसके लिए आयोग ने प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए है। यदि आपका सपना भी आईएएस बनने का है, तो आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे होंगे। हालांकि, इस परीक्षा में समय काफी कम बचा है, ऐसे में बचा हुआ वक्त सभी विषयों के रिवीजन की दृष्टिकोण से बेहद ही खास है।
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UPSC Civil Services Exam Tips: देश की सबसे प्रतिष्ठित और प्रतिस्पर्धी यूपीएससी सिविल सेवा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा आगामी 25 मई को आयोजित होने वाली है। जिसके लिए आयोग ने प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए है। इसके जरिये आईएएस, आईपीएस व आईएफएस जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती की जाती है। यदि आपका सपना भी आईएएस बनने का है, तो आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे होंगे। हालांकि, इस परीक्षा में समय काफी कम बचा है, ऐसे में बचा हुआ वक्त सभी विषयों के रिवीजन की दृष्टिकोण से बेहद ही खास है। यदि आप पहले भी इस परीक्षा में शामिल हो चुके हैं, तो कामयाबी के लिए पिछली गलतियों को दोहराने से बचना होगा और हरेक तथ्य और जानकारी का बारीकी से मूल्यांकन करते हुए आगे बढ़ना होगा।
नई चीजों को पढ़ने से बचें
परीक्षा से 15 दिन पूर्व नए तथ्य और विषय वस्तु को पढ़ने से बचें। पहले से अध्ययन किए गए विभिन्न विषयों, तथ्यों, घटनाओं और बनाए गए शॉर्ट नोट्स का अधिक से अधिक रिवीजन करें। अन्यथा परीक्षा के दौरान भ्रम की स्थिति में तैयार विषय वस्तु से संबंधित प्रश्न भी गलत हो सकते हैं।
अभ्यास करें
विषय वस्तु का अध्ययन करने के साथ-साथ मॉडल पेपर, विगत वर्षों के प्रश्न-पत्रों और प्रैक्टिस सेट को निर्धारित समय-सीमा के अंदर हल करना आपके लिए लाभदायक होगा। इससे परीक्षा के दौरान प्रश्नों को कम समय में पढ़कर जल्दी समझने और उत्तर का चयन करने में आसानी होगी। तैयारी का मूल्यांकन करने और अपनी कमजोरियों को सुधारने के लिए ऑनलाइन था ऑफलाइन मॉक टेस्ट का सहारा लेना बेहतर होगा।
गुणात्मक और विश्लेषणात्मक अध्ययन
परीक्षा में सामान्य अध्ययन के प्रश्न अत्यंत जटिल प्रकृति के होते हैं। इसलिए परंपरागत विषयों का गुणात्मक और विश्लेषणात्मक अध्ययन करने के साथ-साथ अन्य संबंधित विषयों और समसामयिक घटनाओं को आपस में जोड़कर एक गहरी समझ विकसित करने पर जोर देना चाहिए। साथ ही प्रत्येक तथ्य का बार-बार रिवीजन करने के साथ ही उससे संबंधित प्रश्नों को हल करें। रिवोजन के दौरान समय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। परीक्षा का पाठ्यक्रम बहुत विस्तृत होने के कारण समय प्रबंधन के अभाव में तैयारी के दौरान कई विषय छूट जाते हैं। इसलिए परीक्षा में समय प्रबंधन के अभाव में प्रश्नों को समझने और उत्तर चयन करने में गलती करने से बचें।
नकारात्मक अंक की रणनीति
परीक्षा में गलत उत्तर के लिए एक-तिहाई का नकारात्मक अंकन किया जाएगा। इसलिए परीक्षा में तुक्केबाजी करने से बचना चाहिए, हालांकि, जिन प्रश्नों में किन्हीं दो विकल्पों के सही या गलत होने की संभावना हो, वहां तुक्का लगाने से जवाब के सही होने की संभावना अधिक हो जाती है।