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UPP Bharti: रिश्वत मांगना पड़ा डॉक्टर को भारी! शारीरिक परीक्षण में पास करने के लिए मांगी 50000 घूस; केस दर्ज
Mon, 13 Jan 2025 09:19 AM IST
शिवम गर्ग
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Mon, 13 Jan 2025 09:19 AM IST
सार
UP Police Constable Recruitment: यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के शारीरिक मानक परीक्षण के दौरान मेरठ में 11 जनवरी को एक डॉक्टर ने अभ्यर्थी से 50,000 रुपये की घूस की मांग की। पुलिस ने डॉक्टर और उसके ड्राइवर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
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UP Police Constable Recruitment
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
UP Police Constable Recruitment: उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती के शारीरिक मानक परीक्षण (Physical Test) और दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के दौरान रिश्वत का मामला सामने आया है। मेरठ में 11 जनवरी को शारीरिक मानक परीक्षण के दौरान एक डॉक्टर ने अभ्यर्थी से 50,000 रुपये की घूस की मांग की। मामले के सामने आने के बाद डॉक्टर और उसके ड्राइवर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
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डॉक्टर ने निखिल राठी से कहा कि पुलिस लाइन के गेट नंबर तीन के बाहर वाहन संख्या-7065 खड़ी है। जाकर बात कर लो। इसके बाद निखिल पुलिस लाइन के बाहर आया तो इस नंबर की वाहन उसे नहीं मिला। उसने भीतर जाकर डॉक्टर को यह बात बताई। डॉक्टर ने उसके पिता का मोबाइल नंबर लेकर किसी को व्हाट्सएप पर भेजा। कुछ देर बाद उसके पिता के मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई। कॉलर ने बेटे को फिट घोषित करने का रेट 50 हजार बताते हुए रुपये मांगे।
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क्या है पूरा मामला?
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के पहले चरण यानी लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद अभ्यर्थियों को शारीरिक मानक परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन के लिए विभिन्न केंद्रों पर बुलाया जा रहा है। मेरठ में 11 जनवरी को शारीरिक परीक्षण के दौरान, एक चिकित्सा अधिकारी ने अभ्यर्थी को "सीने के फुलाव में कमी" का भ्रम देकर 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। अभ्यर्थी निखिल राठी ने इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया, जो बागपत के टीकरी गांव का निवासी है।
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डॉक्टर ने निखिल राठी से कहा कि पुलिस लाइन के गेट नंबर तीन के बाहर वाहन संख्या-7065 खड़ी है। जाकर बात कर लो। इसके बाद निखिल पुलिस लाइन के बाहर आया तो इस नंबर की वाहन उसे नहीं मिला। उसने भीतर जाकर डॉक्टर को यह बात बताई। डॉक्टर ने उसके पिता का मोबाइल नंबर लेकर किसी को व्हाट्सएप पर भेजा। कुछ देर बाद उसके पिता के मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई। कॉलर ने बेटे को फिट घोषित करने का रेट 50 हजार बताते हुए रुपये मांगे।
निखिल के पिता ने वाहन तलाश कर उसमें बैठे व्यक्ति से बात की। निखिल के पिता ने कहा कि उनके बेटे का सीना मानकों से कम नहीं है। वह परिजनों से बात करके बताएंगे। इसके बाद मोबाइल से वाहन का फोटो ले लिया। आरोपी ने उन्हें देख लिया और वह वहां से निकल गया। थोड़ी देर बाद उन्होंने आरोपी के नंबर पर कॉल की तो उसने कहा कि अंदर डॉक्टर से बात हो गई है। आपके बेटे के सीने का फुलाव सही हो गया है, उसे फिट कर दिया गया है। आरोपी ने बताया कि वह पुलिस लाइन से दूर आ गया है। निखिल के मुताबिक उसके प्रमाण पत्रों का सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण बोर्ड नंबर-2 पर था। रुपये मांगने वाले डॉक्टर के बाल घुंघराले थे, उनका नाम वह नहीं जानता है।
पुलिस कार्रवाई और जांच
निखिल के शिकायत के बाद, यूपी पुलिस ने आरोपी डॉक्टर और उसके ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यूपी पुलिस भर्ती प्रक्रिया के नोडल अधिकारी, एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।UP Police Constable Recruitment: शारीरिक परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन 26 दिसंबर 2024 से शुरू होकर 3 फरवरी 2025 तक जारी रहेगा। यूपी के 75 जिलों में यह प्रक्रिया चल रही है, जिसमें हर दिन लगभग 5,000 अभ्यर्थियों का सत्यापन किया जा रहा है। अभ्यर्थियों की पूरी प्रक्रिया पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रखी जा रही है और लखनऊ से भी इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है।भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कई बार अभ्यर्थियों के पूरी तरह फिट होने के बावजूद मामूली कमी का बहाना बनाकर उन्हें भर्ती से बाहर करने का दबाव डाला जा रहा है और इसके बदले मोटी रकम की मांग की जा रही है। ऐसे मामलों की जांच और अधिक गंभीरता से की जाएगी।