शरीर पर टैटू होने से नहीं होगी परेशानी, अब मिलेगी सरकारी नौकरी
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इस देश में टैटू यानी गोदना की परंपरा सदियों पुरानी है। कई संस्कृतियों में तो यह अनिवार्य रस्म की तरह है। आदिवासियों में शरीर पर गोदने को समृद्धि और सेहत से जोड़कर देखने की परंपरा रही है। अब तो टैटू फैशन का प्रतीक भी बन गया है लेकिन यही टैटू अगर किसी की नौकरी के आड़े आ जाए तो क्या हो। महाराष्ट्र के शोलापुर निवासी श्रीधर पखारे ने CISF के खिलाफ एक याचिका दायर की थी, क्योंकि बांह पर टैटू गुदा होने के कारण सीआईएसएफ ने उन्हें नौकरी देने से मना कर दिया था। इस मामले में सुनवाई करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने कहा कि सीआईएसएफ टैटू की वजह से किसी को भी नौकरी देने से मना नहीं कर सकता है। न्यायालय ने कहा कि टैटू याचिकाकर्ता के अधिकारिक कर्तव्यों में हस्तक्षेप नहीं करेगा, यदि वह अन्य सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करता है।
सीआईएसएफ के अधिकारियों को इसके लिए अपने नियमों में संशोधन करना चाहिए। आपको बता दें कि कुछ समय पहले वायुसेना में एयरमैन पद पर अपनी नियुक्ति रद्द करने के मामले में एक युवक ने वायुसेना के फैसले पर दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसमें न्यायालय ने उसकी दलीलों को अस्वीकार कर दिया था। हालांकि, भारतीय वायुसेना नौकरी के लिए उम्मीदवारों को कुछ विशेष प्रकार के टैटू की इजाजत देती है, जिनमें मिटाए जा सकने वाले टैटू, आदिवासियों को उनके रीति-रिवाजों और परंपराओं के मुताबिक बनाए गए टैटू शामिल हैं। ऐसे में मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा सुनाया गया यह फैसला सराहनीय है।