MPSC: यूपीएससी की तर्ज पर तैयार होगा एमपीएससी का वार्षिक कैलेंडर; भविष्य में होंगी बड़ी भर्तियां
MPSC: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं की अनियमितता से छात्रों को कठिनाई हो रही है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यूपीएससी की तर्ज पर वार्षिक परीक्षा कैलेंडर लागू करने और 2025 से वर्णनात्मक परीक्षा प्रणाली शुरू करने की घोषणा की।
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Maharashtra: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं का अनियमित समय-सारणी छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। प्रदेशभर के हजारों छात्र प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन आयोग की देरी और लालफीताशाही के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी विषय पर राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के विधायक शिवाजीराव गर्जे ने विधानपरिषद में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा, जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जवाब देते हुए कहा कि अब यूपीएससी (UPSC) की तर्ज पर एमपीएससी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा।
A proposal is being prepared for restructuring the MPSC by studying all state commissions and the UPSC to facilitate a large-scale recruitment process in the future.
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पुढील काळात मोठ्या प्रमाणात भर्ती प्रक्रिया राबवण्यासाठी सर्व राज्यांचा आणि 'यूपीएससी'चा अभ्यास करून… pic.twitter.com/uHcEXy4ypa— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) March 19, 2025
एमपीएससी के लिए यूपीएससी जैसा परीक्षा कैलेंडर
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यूपीएससी की परीक्षाएं एक निर्धारित समय-सारणी के अनुसार होती हैं, लेकिन एमपीएससी में ऐसा नहीं हो पाया है। हालांकि, 2018-19 के बाद राज्य में आरक्षण से जुड़े विभिन्न फैसलों और न्यायालयों के स्थगन आदेशों के कारण भर्ती प्रक्रियाओं में देरी हुई। लेकिन अब सरकार एमपीएससी के लिए एक स्थायी परीक्षा कैलेंडर लागू करने की योजना बना रही है, ताकि परीक्षाएं समय पर आयोजित हो सकें।
2025 से लागू होगी वर्णनात्मक परीक्षा पद्धति
एमपीएससी की परीक्षा प्रणाली में बदलाव को लेकर भी सवाल उठे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2023 में वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) परीक्षा प्रणाली लागू करने की योजना थी, लेकिन छात्रों के अनुरोध पर इसे 2025 तक स्थगित कर दिया गया था। 2025 से एमपीएससी की परीक्षाएं नई प्रणाली के तहत आयोजित की जाएंगी, जिससे उम्मीदवारों को यूपीएससी परीक्षाओं में भी लाभ मिलेगा।
एमपीएससी की परीक्षा प्रक्रिया रहेगी पारदर्शी
यह भी मांग की गई थी कि एमपीएससी की परीक्षाएं निजी संस्थाओं से न कराई जाएं, बल्कि आयोग स्वयं इसका संचालन करे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र तैयार करना और परीक्षा आयोजित करना एमपीएससी ही करता है, केवल कुछ बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के लिए बाहरी सहयोग लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में एमपीएससी ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं आयोजित की हैं और इसमें कोई अनियमितता नहीं हुई है।
भविष्य में एमपीएससी के तहत बड़ी भर्तियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि एमपीएससी में रिक्त तीन महत्वपूर्ण पदों को जल्द भरा जाएगा और आने वाले समय में बड़े पैमाने पर भर्तियां की जाएंगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने अन्य राज्यों के लोकसेवा आयोगों का अध्ययन किया है और उसी के आधार पर एमपीएससी को नया स्वरूप देने की योजना बनाई जा रही है। अब एमपीएससी के अंतर्गत वर्ग 1 और वर्ग 2 के साथ-साथ वर्ग 3 की परीक्षाएं भी कराई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य सभी परीक्षाओं को समय पर पूरा करना है, ताकि उम्मीदवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।