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MPESB: अभ्यर्थी को 100 में से मिले 101.66 अंक, देख भड़के उम्मीदवार; परीक्षा में धोखाधड़ी का लगाया आरोप

Tue, 17 Dec 2024 10:06 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Tue, 17 Dec 2024 10:06 AM IST
सार

MPESB: मध्य प्रदेश की एक भर्ती में एक उम्मीदवार को कुल अंक 100 में से 101.66 अंक मिले। इसे देख बाकी उम्मीदवार भड़क गए और परीक्षा में धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया। हालांकि, भर्ती बोर्ड ने कहा है कि यह "सामान्यीकरण की प्रक्रिया" अपनाने के कारण हुआ है।
 

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MP candidate gets 101.66 marks out of 100 under 'normalisation process'; job aspirants protest
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

MPESB: मध्य प्रदेश सरकार की वन एवं जेल विभाग की संयुक्त भर्ती परीक्षा 2023 में "सामान्यीकरण प्रक्रिया" अपनाने के कारण एक अभ्यर्थी को कुल 100 में से 101.66 अंक मिले। इसपर सवाल उठाते हुए अभ्यर्थियों ने सोमवार को इंदौर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आंदोलनकारी युवक जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने एकत्र हुए और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि वन एवं जेल विभाग की संयुक्त भर्ती परीक्षा 2023 (वन एवं जेल भर्ती परीक्षा 2023) में एक अभ्यर्थी ने कुल 100 में से 101.66 अंक प्राप्त कर चयन सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

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सामान्यीकरण की प्रक्रिया अपनाई गई

भोपाल मुख्यालय वाले मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा का परिणाम 13 दिसंबर को घोषित किया गया था। परिणाम की घोषणा के बाद बोर्ड ने स्पष्ट किया कि भर्ती परीक्षा में नियमानुसार "सामान्यीकरण की प्रक्रिया" अपनाई गई है, जिसके कारण अभ्यर्थियों को पूर्ण अंक (100) से अधिक और शून्य से कम अंक मिल सकते हैं।

परीक्षा में धोखाधड़ी के आरोप

सामान्यीकरण यह सुनिश्चित करने की एक प्रक्रिया है कि छात्रों को उनके द्वारा लिखे गए पेपर की कठिनाई से न तो लाभ हो और न ही नुकसान। इस प्रक्रिया में एक छात्र के स्कोर को इस तरह से संशोधित करना शामिल है कि यह दूसरे के स्कोर के साथ तुलनीय हो जाए। यह तब आवश्यक हो जाता है जब एक ही विषय की परीक्षा कई सत्रों में आयोजित की जाती है, जिनमें से प्रत्येक में एक अलग पेपर होता है।

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ऐसा पहली बार देखा कि किसी को कुल अंक से अधिक अंक मिले: प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों के एक नेता गोपाल प्रजापत ने संवाददाताओं से कहा, "राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि भर्ती परीक्षा में अपनाई गई सामान्यीकरण प्रक्रिया के कारण किसी उम्मीदवार को कुल अंकों से अधिक अंक मिले हैं। हम सामान्यीकरण की अनुचित प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।"

उन्होंने वन रक्षक, फील्ड गार्ड (कार्यकारी) और जेल गार्ड (कार्यकारी) के पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रजापत ने चेतावनी दी कि अगर मामले में कुछ नहीं किया गया तो नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

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