जीडीएस भर्ती 2026: ग्रामीण डाक सेवक क्या काम करते हैं? सिर्फ इतने घंटे की होती है ड्यूटी, इतनी मिलती है सैलरी
Postal GDS 2026: इंडिया पोस्ट की जीडीएस भर्ती में ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) और डाक सेवक के पद भरे जानें हैं। तीनों पदों की जिम्मेदारियां और सैलरी स्ट्रक्चर में भी अंतर होता है। यह भर्ती 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए है। आइए जानते हैं कि इस भर्ती में चयन के बाद क्या काम करना होता है, क्या यह नियमित सरकारी नौकरी है और कितनी सैलरी मिलती है?
विस्तार
GDS Recruitment 2026: ग्रामीण डाक सेवक भर्ती को लेकर कई उम्मीदवारों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि आखिर जीडीएस भर्ती में सिलेक्शन होने के बाद काम क्या करना होता है? क्या यह केंद्र सरकार की पक्की नौकरी होती है या केवल अस्थाई नियुक्ति? और सबसे जरूरी सवाल, हर महीने कितनी सैलरी मिलती है? अगर आपके मन में भी इनमें से कोई सवाल कौंध रहा है, तो यहां आपको इन सभी सवालों के जवाब बेहद आसान भाषा में मिलेंगे।
जीडीएस भर्ती में कौन से पद हैं?
जीडीएस भर्ती के तहत मुख्य रूप से तीन तरह के पद होते हैं:
- ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM)
- असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM)
- डाक सेवक
तीनों पदों की जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं। नीचे एक-एक करके तीनों पदों की जिम्मेदारियां बताई गई हैं।
ब्रांच पोस्टमास्टर का क्या काम होता है?
ब्रांच पोस्टमास्टर यानी BPM किसी शाखा डाकघर के रोजमर्रा के कामकाज की जिम्मेदारी संभालता है। इसमें डाकघर और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जुड़े काम भी शामिल हैं। बीपीएम के प्रमुख काम हैं-
- शाखा डाकघर का रोजाना संचालन करना
- डाक विभाग की सेवाओं और उत्पादों का प्रचार करना
- ग्राहक सेवा केंद्र से जुड़ी सेवाएं चलाना
- एकल शाखा डाकघर में डाक की आवाजाही और वितरण की व्यवस्था देखना
- जरूरत पड़ने पर असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) के काम भी करना
- वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से सौंपे गए अन्य काम करना
जिस उम्मीदवार का चयन बीपीएम के रूप में होता है, उसे शाखा डाकघर चलाने के लिए जगह की व्यवस्था अपने खर्च पर करनी होती है। साथ ही उसे उसी गांव में रहना होता है जहां संबंधित शाखा डाकघर संचालित होता है।
असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर क्या करते हैं?
असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर यानी ABPM, बीपीएम की सहायता करता है और डाकघर के कई महत्वपूर्ण काम संभालता है। एबीपीएम को संबंधित डाकघर के वितरण क्षेत्र के भीतर रहना होता है। इनके काम में मुख्य रूप से-
- डाक टिकट और डाक सामग्री बेचना
- घर-घर डाक पहुंचाना और डाक की आवाजाही करना
- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जुड़े जमा, भुगतान और दूसरे लेनदेन करना
- बीपीएम की डाकघर संबंधी गतिविधियों में मदद करना
- डाक विभाग की सेवाओं और उत्पादों का प्रचार करना
- जरूरत पड़ने पर बीपीएम के काम भी संभालना
- वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से सौंपे गए अन्य काम करना
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डाक सेवक का क्या काम होता है?
डाक सेवक की तैनाती सिर्फ गांव के डाकघर तक सीमित नहीं होती। उन्हें डाकघर, छंटाई कार्यालय, मेल कार्यालय, ट्रांजिट मेल कार्यालय, वितरण केंद्र या विभाग के किसी अन्य कार्यालय में भी लगाया जा सकता है।
डाकघर में डाक सेवक के काम में टिकट और डाक सामग्री की बिक्री, घर-घर डाक पहुंचाना तथा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जुड़े जमा और भुगतान जैसे काम शामिल हैं।
- छंटाई या मेल कार्यालय में उन्हें डाक, डाक थैलों और पार्सल को संभालने जैसे काम करने होते हैं।
- वितरण केंद्रों पर डाक और पार्सल की छंटाई, आवाजाही और वितरण से जुड़े काम भी करने पड़ सकते हैं।
- इसके अलावा डाक सेवक को डाकघर के सुचारु संचालन में पोस्टमास्टर या संबंधित अधिकारी की सहायता करनी होती है।
- जरूरत के अनुसार मार्केटिंग और कारोबार से जुड़े काम भी सौंपे जा सकते हैं।
क्या जीडीएस पक्की सरकारी नौकरी होती है?
यही वह सवाल है जिसे लेकर सबसे ज्यादा भ्रम रहता है। जीडीएस को सामान्य अर्थ में नियमित केंद्र सरकार की नौकरी नहीं माना जाता। ये विभाग या केंद्र सरकार के नियमित कर्मचारी नहीं होते। उनके वेतन, भत्ते और दूसरी सुविधाएं नियमित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान नहीं होतीं। उनकी सेवा शर्तें ग्रामीण डाक सेवक (आचरण एवं नियुक्ति) नियम, 2020 और समय-समय पर किए गए संशोधनों के अनुसार तय होती हैं।
हालांकि इसका मतलब यह भी नहीं है कि जीडीएस को कुछ दिनों या कुछ महीनों की सामान्य अस्थाई नौकरी के तौर पर समझ लिया जाए। आधिकारिक नियमों के अनुसार जीडीएस सिविल पद पर होते हैं, लेकिन संघ की नियमित सिविल सेवाओं से बाहर होते हैं। एक बार चयन होने के बाद आप 65 वर्ष की आयु तक इस पद पर बने रह सकते हैं।
इसलिए आसान भाषा में समझें तो जीडीएस नियमित सरकारी कर्मचारी वाली पक्की नौकरी नहीं है, लेकिन इसे सामान्य ठेके या कुछ महीने की अस्थाई नौकरी कहना भी सही नहीं होगा। यह अलग सेवा व्यवस्था के तहत होने वाली नियुक्ति है।
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जीडीएस की ड्यूटी कितने घंटे की होती है?
नियमित सरकारी नौकरी में जहां 8 घंटे काम होता है, वहीं जीडीएस में रोजाना केवल 4 से 5 घंटे ही ड्यूटी करनी होती है।
जीडीएस की सैलरी कितनी होती है?
जीडीएस कर्मचारियों को पारंपरिक 'पे-स्केल' की जगह TRCA (Time Related Continuity Allowance) यानी समयबद्ध निरंतरता भत्ता दिया जाता है। यह भत्ता इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी ड्यूटी 4 घंटे की है या 5 घंटे की।
| पद | मूल टीआरसीए श्रेणी |
|---|---|
| ब्रांच पोस्टमास्टर (बीपीएम) | ₹12,000 से ₹29,380 |
| असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (एबीपीएम) | ₹10,000 से ₹24,470 |
| डाक सेवक | ₹10,000 से ₹24,470 |
इसके अलावा TRCA पर केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर घोषित महंगाई भत्ता भी मिलता है। शर्तों के अनुसार सालाना 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान है।
क्या जीडीएस को पेंशन जैसी सुविधा मिलती है?
जीडीएस की सेवा व्यवस्था नियमित केंद्र सरकार के कर्मचारियों से अलग है।
- इन्हें पेंशन जैसी सुविधा नहीं मिलती, लेकिन सेवा से सेवानिवृत्त (65 वर्ष) होने पर अनुग्रह राशि (Gratuity) व सर्वर/मोबाइल भत्ता दिया जाता है।
- इसके अलावा, जीडीएस की अपनी सेवा व्यवस्था के नियम लागू होते हैं।
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23757 वैकेंसी, 19 सितंबर तक आवेदन का मौका
डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) ऑनलाइन नियुक्ति, अनुसूची-II जुलाई 2026 के तहत 23,757 वैकेंसी पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण 31 अगस्त से 19 सितंबर 2026 और आवेदन जमा करने की प्रक्रिया 2 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं।
- पंजीकरण: 31 अगस्त से 19 सितंबर 2026 तक
- ऑनलाइन आवेदन और शुल्क भुगतान: 2 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक
- आवेदन में सुधार: 23 से 24 सितंबर 2026 तक
पंजीकरण और आवेदन की अंतिम समय-सीमा शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अनुसूची के लिए उम्मीदवारों को नए सिरे से पंजीकरण करना होगा। पिछली अनुसूचियों में मिले पंजीकरण नंबर इस भर्ती में मान्य नहीं होंगे।
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