सीआईएसएफ: पैरामेडिकल एएसआई की परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस जारी, जानें किस विषय से कितने अंक के सवाल आएंगे
सीआईएसएफ ने पैरामेडिकल स्टाफ भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा का पैटर्न और पदवार तकनीकी सिलेबस जारी किया है। परीक्षा 100 अंकों की होगी, जिसमें संबंधित ट्रेड के सवालों का सबसे अधिक वेटेज रहेगा।
विस्तार
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पैरामेडिकल स्टाफ भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा का पैटर्न और विस्तृत सिलेबस जारी किया है। इस भर्ती के तहत एएसआई/फार्मासिस्ट, एएसआई/लैबोरेटरी टेक्नीशियन और एएसआई/एक्स-रे टेक्नीशियन की रिक्तियों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। सीआईएसएफ पैरामेडिकल स्टाफ भर्ती की लिखित परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी। इसमें चार सेक्शन रखे गए हैं। सामान्य विषयों के लिए कुल 30 अंक और ट्रेड या प्रोफेशन से जुड़े विषयों के लिए 70 अंक निर्धारित किए गए हैं।
लिखित परीक्षा का पैटर्न
| सेक्शन | विषय | निर्धारित अंक |
|---|---|---|
| सेक्शन 1 | सामान्य बुद्धिमत्ता एवं तर्कशक्ति | 10 |
| सेक्शन 2 | सामान्य जागरूकता | 10 |
| सेक्शन 3 | अंग्रेजी कॉम्प्रिहेंशन | 10 |
| सेक्शन 4 | ट्रेड/प्रोफेशन से संबंधित विषय | 70 |
| कुल | लिखित परीक्षा | 100 |
इस परीक्षा में तकनीकी विषयों की सबसे अधिक भूमिका होगी। कुल अंकों में से 70 अंक संबंधित पेशेवर ज्ञान के लिए रखे गए हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को सामान्य विषयों के साथ अपने ट्रेड के सिलेबस पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
एएसआई/फार्मासिस्ट का सिलेबस क्या है?
एएसआई/फार्मासिस्ट पद के लिए फार्मेसी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े 10 प्रमुख विषयों को सिलेबस में शामिल किया गया है।
- फार्माकोलॉजी और टॉक्सिकोलॉजी: दवाओं की कार्यप्रणाली, शरीर में दवाओं का अवशोषण और प्रभाव, विषाक्तता तथा दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों का प्रबंधन।
- फार्मास्यूटिक्स: दवाओं के निर्माण के सिद्धांत, विभिन्न डोज फॉर्म, फार्मास्यूटिकल गणनाएं और निर्माण मानक।
- फार्माकोग्नोसी: प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त औषधियों की पहचान, वर्गीकरण, औषधीय उपयोग और रासायनिक घटक।
- फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री: दवाओं की रासायनिक संरचना, गुण, संश्लेषण और गुणवत्ता नियंत्रण।
- बायोकेमिस्ट्री एवं क्लिनिकल पैथोलॉजी: जैव रासायनिक प्रक्रियाएं, एंजाइमों के कार्य और शरीर के तरल पदार्थों की जांच।
- हेल्थ एजुकेशन एवं कम्युनिटी फार्मेसी: जनस्वास्थ्य, बीमारियों की रोकथाम, सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता और स्वास्थ्य शिक्षा।
- ह्यूमन एनाटॉमी एवं फिजियोलॉजी: मानव शरीर के अंगों की संरचना और उनके कार्य।
- फार्मास्यूटिकल ज्यूरिसप्रूडेंस: फार्मेसी से जुड़े कानूनी नियम, दवाओं की बिक्री, नारकोटिक्स पर नियंत्रण और पेशेवर नैतिकता।
- ड्रग स्टोर एवं बिजनेस मैनेजमेंट: दवाओं का स्टॉक प्रबंधन, आपूर्ति व्यवस्था, रिकॉर्ड रखना और फार्मेसी व्यवसाय के सिद्धांत।
- हॉस्पिटल एवं क्लिनिकल फार्मेसी: अस्पतालों में दवा प्रबंधन, दवाओं के बीच परस्पर प्रभाव, स्टेराइल कंपाउंडिंग और अस्पताल फार्मेसी के नियम।
एएसआई/लैबोरेटरी टेक्नीशियन का सिलेबस
एएसआई/लैबोरेटरी टेक्नीशियन पद के लिए मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी और क्लिनिकल डायग्नोस्टिक्स से जुड़े छह प्रमुख क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं।
- मानव शरीर रचना एवं शरीर क्रिया विज्ञान की मूल बातें: मानव ऊतकों, अंगों और शरीर की कार्यप्रणाली की जानकारी, जो प्रयोगशाला जांच में उपयोगी है।
- प्रयोगशाला उपकरणों का परिचय एवं संचालन: लैब उपकरणों के सिद्धांत, संचालन, कैलिब्रेशन, सुरक्षा और रखरखाव।
- क्लिनिकल हीमेटोलॉजी: रक्त कोशिकाओं की संरचना, कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC), रक्त का थक्का जमने से जुड़ी जांच और रक्त संबंधी विकारों का विश्लेषण।
- क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री: ब्लड ग्लूकोज, लिपिड प्रोफाइल और किडनी व लिवर फंक्शन टेस्ट सहित विभिन्न जैव रासायनिक जांच।
- क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी: स्टेनिंग तकनीक, बैक्टीरिया की कल्चर विधियां, रोगजनकों की पहचान और स्टेरिलाइजेशन प्रक्रिया।
- शरीर के तरल पदार्थों और मल की सामान्य जांच: यूरिन, स्टूल, सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों की भौतिक, रासायनिक और सूक्ष्मदर्शी जांच।
एएसआई/एक्स-रे टेक्नीशियन का सिलेबस
एएसआई/एक्स-रे टेक्नीशियन पद के लिए रेडियोलॉजी, इमेजिंग तकनीक और रेडिएशन सुरक्षा से जुड़े नौ प्रमुख विषय शामिल किए गए हैं।
- ह्यूमन एनाटॉमी एवं फिजियोलॉजी: शरीर के अंगों की संरचना, हड्डियों और रेडियोलॉजी में उपयोग होने वाले शारीरिक स्थानों की जानकारी।
- कंप्यूटर की मूल बातें: कंप्यूटर एप्लिकेशन, डिजिटल डेटा स्टोरेज और डिजिटल रेडियोग्राफी में इस्तेमाल होने वाली PACS तकनीक।
- मेडिकल एथिक्स एवं पेशेंट केयर: मरीजों की देखभाल, गोपनीयता, कानूनी नियम और नैतिक व्यवहार।
- रेडियोलॉजी फिजिक्स एवं रेडिएशन फिजिक्स: एक्स-रे बनने की प्रक्रिया, परमाणु भौतिकी, पदार्थ के साथ रेडिएशन की क्रिया और डायग्नोस्टिक इमेजिंग के सिद्धांत।
- एक्स-रे मशीन एवं सहायक उपकरण: एक्स-रे जनरेटर, ट्यूब, ग्रिड, कोलिमेटर और उपकरणों के रखरखाव की जानकारी।
- एक्स-रे फिल्म एवं इमेज प्रोसेसिंग: डार्करूम प्रक्रिया, केमिकल प्रोसेसिंग, फॉस्फर प्लेट और डिजिटल डिटेक्टर से जुड़ी तकनीक।
- क्लिनिकल रेडियोग्राफी पोजिशनिंग: हड्डियों और सॉफ्ट टिश्यू की इमेजिंग के लिए शरीर की सही स्थिति और तकनीक।
- आधुनिक इमेजिंग तकनीक एवं उपकरण: कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT), मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) और अल्ट्रासोनोग्राफी (USG) की मूल बातें।
- कंट्रास्ट एवं विशेष रेडियोग्राफी प्रक्रिया: कंट्रास्ट मीडिया, फ्लोरोस्कोपी, गुणवत्ता नियंत्रण और रेडिएशन सुरक्षा के नियम।
अभ्यर्थियों के लिए तैयारी की रणनीति
जारी परीक्षा पैटर्न के अनुसार, तकनीकी विषयों का वेटेज 70 प्रतिशत है। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपने पद से संबंधित सिलेबस को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही सामान्य बुद्धिमत्ता, सामान्य जागरूकता और अंग्रेजी कॉम्प्रिहेंशन के लिए भी नियमित अभ्यास करना जरूरी है।