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क्लाउड कंप्यूटिंग से 2022 तक आएंगी 10 लाख नौकरियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Sat, 24 Nov 2018 06:37 AM IST
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- फोटो : pexels.com
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बड़ी व छोटी दोनों प्रकार की कंपनियों में क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते प्रचलन से वैश्विक स्तर पर पेशेवरों की मांग निरंतर बढ़ रही है। 2022 तक इस क्षेत्र से देश में 10 लाख से अधिक नौकरियों के नए अवसर उत्पन्न होने की संभावना। एड-टेक प्लेटफार्म फॉर एक्जीक्यूटिव्स ग्रेट लर्निंग के अनुसार मौजूदा समय में कंपनियां क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर पारंपरिक आईटी खर्च से 4.5 गुना अधिक खर्च कर रही है और संभावना यह है कि 2020 तक यह खर्च और तेजी से बढ़ेगा। यह रिपोर्ट वरिष्ठ क्लाउड विशेषज्ञ के साथ साथ भर्ती प्रबंधकों व विषय विशेष के विशेषज्ञों के साथ हुई बात-चीत पर आधारित है और इसको उच्च गुणवत्ता वाली उद्योग शोध रिपोर्ट के साथ पूरा किया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय क्लाउड कंप्यूटिंग बाजार मौजूदा समय में 2.2 अरब डॉलर का है, जिसके 2020 तक 30 फीसदी सालाना रफ्तार के साथ बढ़कर चार अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया कि क्लाउड सेवाओं में तेजी से विकास और सुरक्षा के साथ खर्च की कमी के कारण क्लाउड पर आधारित माहौल की बढ़ती स्वीकृति से कंपनियां पारंपरिक डाटा केंद्रों से क्लाउड की ओर रुख कर रही हैं। क्लाउड के बढ़ते लचीलेपन, मापनीयता और रफ्तार के कारण भारत में आईटी दिग्गज भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर को छोड़ क्लाउड के लिए समाधान बना रही हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय क्लाउड कंप्यूटिंग बाजार मौजूदा समय में 2.2 अरब डॉलर का है, जिसके 2020 तक 30 फीसदी सालाना रफ्तार के साथ बढ़कर चार अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया कि क्लाउड सेवाओं में तेजी से विकास और सुरक्षा के साथ खर्च की कमी के कारण क्लाउड पर आधारित माहौल की बढ़ती स्वीकृति से कंपनियां पारंपरिक डाटा केंद्रों से क्लाउड की ओर रुख कर रही हैं। क्लाउड के बढ़ते लचीलेपन, मापनीयता और रफ्तार के कारण भारत में आईटी दिग्गज भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर को छोड़ क्लाउड के लिए समाधान बना रही हैं।
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