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Jharkhand News: वेल्डर का बेटा बना क्रिकेट का चमकता सितारा, इंडिया अंडर-16 में चुने गए कृष्ण टाना भगत
Sun, 03 Aug 2025 08:01 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sun, 03 Aug 2025 08:01 PM IST
सार
झारखंड के गुमला जिले के 14 वर्षीय छात्र कृष्ण टाना भगत का चयन भारतीय अंडर-16 क्रिकेट टीम में हुआ है। कृष्ण एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखता है।
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कृष्ण टाना भगत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड के गुमला जिले से एक बार फिर खेल प्रतिभा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के 14 वर्षीय छात्र कृष्ण टाना भगत का चयन भारतीय अंडर-16 क्रिकेट टीम में हुआ है। इस सफलता से न केवल उसके विद्यालय में खुशी की लहर है, बल्कि पूरे जिले में गर्व का माहौल है। कृष्ण टाना भगत गुमला स्थित राजकीय विद्यालय में आठवीं कक्षा का छात्र है और मूल रूप से सिसई प्रखंड के नगर सिसकारी गांव का निवासी है। वर्तमान में वह गुमला के महुआडीपा में एक किराए के मकान में अपने दोस्त के साथ रहता है और प्रतिदिन बस से स्कूल आता-जाता है।
साधारण परिवार से, बड़ी उपलब्धि तक
कृष्ण एक साधारण और गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता हिमाचल प्रदेश में वेल्डिंग का काम करते हैं और मां सिलाई का कार्य करती हैं। परिवार वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में ही रह रहा है, लेकिन कृष्ण खेल को लेकर गुमला में ही डटा हुआ है।
कोच ज्ञान सर के मार्गदर्शन में करता है अभ्यास
क्रिकेट के प्रति कृष्ण का लगाव बचपन से रहा है। उसके माता-पिता ने हमेशा उसे प्रोत्साहित किया। दिसंबर 2024 में उसे ट्रायल के लिए रांची बुलाया गया था, जहां बल्लेबाज के रूप में उसका चयन हुआ। फिलहाल वह परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में कोच ज्ञान सर के निर्देशन में नियमित अभ्यास करता है। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय लोगों ने उसके इस चयन पर प्रसन्नता जताई है। शिक्षक, सहपाठी और ग्रामीण लगातार कृष्ण को बधाई दे रहे हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
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झारखंड के युवाओं की छुपी प्रतिभा
रांची, खूंटी, सिमडेगा और गुमला जैसे जिलों में खेल प्रतिभा की कभी कमी नहीं रही है। यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रोशन कर चुके हैं। कृष्ण टाना भगत की यह उपलब्धि इसी कड़ी का हिस्सा है, जो साबित करता है कि संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत और लगन से सफलता संभव है।
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साधारण परिवार से, बड़ी उपलब्धि तक
कृष्ण एक साधारण और गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता हिमाचल प्रदेश में वेल्डिंग का काम करते हैं और मां सिलाई का कार्य करती हैं। परिवार वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में ही रह रहा है, लेकिन कृष्ण खेल को लेकर गुमला में ही डटा हुआ है।
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कोच ज्ञान सर के मार्गदर्शन में करता है अभ्यास
क्रिकेट के प्रति कृष्ण का लगाव बचपन से रहा है। उसके माता-पिता ने हमेशा उसे प्रोत्साहित किया। दिसंबर 2024 में उसे ट्रायल के लिए रांची बुलाया गया था, जहां बल्लेबाज के रूप में उसका चयन हुआ। फिलहाल वह परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में कोच ज्ञान सर के निर्देशन में नियमित अभ्यास करता है। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय लोगों ने उसके इस चयन पर प्रसन्नता जताई है। शिक्षक, सहपाठी और ग्रामीण लगातार कृष्ण को बधाई दे रहे हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
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झारखंड के युवाओं की छुपी प्रतिभा
रांची, खूंटी, सिमडेगा और गुमला जैसे जिलों में खेल प्रतिभा की कभी कमी नहीं रही है। यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रोशन कर चुके हैं। कृष्ण टाना भगत की यह उपलब्धि इसी कड़ी का हिस्सा है, जो साबित करता है कि संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत और लगन से सफलता संभव है।