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Jharkhand: रेलवे अधिकारियों ने पटरी के रास्ते आ रहे शिवलिंग उखाड़े, ग्रामीणों के बवाल के बाद किया गया स्थापित
Mon, 19 Dec 2022 03:32 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बोकारो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बोकारो
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 19 Dec 2022 03:32 PM IST
सार
बोकारो स्थित चास हॉल्ट के पास स्थानीय ग्रामीणों और रेलवे अधिकारियों के बीच झड़प हो गई। दरअसल, रेलवे अधिकारियों द्वारा रेलवे ट्रैक के पास स्थापित एक शिवलिंग को बलपूर्वक उखाड़ दिया गया।
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बोकारो का चास स्टेशन
- फोटो : Indian Railways Info
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विस्तार
झारखंड के बोकारो स्थित चास हॉल्ट के पास स्थानीय ग्रामीणों और रेलवे अधिकारियों के बीच झड़प हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे अधिकारियों द्वारा रेलवे ट्रैक के पास स्थापित एक शिवलिंग को बलपूर्वक उखाड़ने के बाद हाथापाई हो गई। माहौल गर्म होता देख रेलवे अधिकारियों ने फिर से शिवलिंग को स्थापित कर दिया।
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क्या है मामला
दरअसल, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों द्वारा पटरी बिछाए जाने के दौरान वहां स्थापित एक शिवलिंग को उखाड़ दिया गया जिसके बाद ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पहले मजदूरों को खदेड़ा और फिर बांधडीह मोड़ पर सड़क जाम कर दिया।
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ग्रामीणों का दावा- 200 साल पहले स्थापित किया गया था शिवलिंग
ग्रामीणों का दावा है कि टीटी लाइन के निर्माण से लगभग 200 साल पहले इस स्थान पर यह शिवलिंग स्थापित किया गया था। ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकारियों ने सदियों पुराने शिवलिंग को तोड़कर हिंदुओं को नाराज कर दिया था, जिसकी उनके पूर्वजों और पूर्वजों ने लंबे समय से पूजा की थी।
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शिवलिंग हटाने के लिए ग्रामीणों ने मंदिर बनाने की शर्त रखी
खबरों के मुताबिक, ग्रामीणों ने मांग की कि एक मंदिर का निर्माण किया जाए और प्रार्थना और मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग को फिर से स्थापित किया जाए, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने कथित तौर पर उनकी मांगों की अवहेलना की और शिवलिंग को हटाने से पहले जबरन उखाड़ दिया।