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झारखंड: सातवीं की छात्रा से दुष्कर्म के दोषी को अंतिम सांस तक उम्रकैद, 20 हजार रुपये का जुर्माना
Mon, 12 Oct 2026 09:27 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 12 Oct 2026 09:27 PM IST
सार
झारखंड के सरायकेला में पॉक्सो मामले में दोषी बिरजू पोद्दार उर्फ बीजू पोद्दार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामला चांडिल थाना क्षेत्र का है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म के पॉक्सो मामले में दोषी बिरजू पोद्दार उर्फ बीजू पोद्दार को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने यह सजा पॉक्सो कानून की धारा 6 के तहत सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 96 एवं 137(2) के तहत दोषी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
पॉक्सो मामले में सजा
यह पूरा मामला चांडिल थाना क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने 26 जनवरी 2025 को पुलिस थाने में आरोपी बिरजू पोद्दार के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। पिता ने शिकायत में कहा था कि उनकी बेटी गणतंत्र दिवस मनाने के लिए विद्यालय गई थी। जब वह शाम तक वापस घर नहीं लौटी, तब परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की और फिर थाना पहुंचकर मामला दर्ज कराया। शिकायत में पिता ने आरोप लगाया था कि आरोपी उनकी बेटी को जान से मारने की नीयत से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
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दस महीने से उत्पीड़न
पीड़िता ने पुलिस के समक्ष बयान देते हुए पूरी घटना की जानकारी दी। छात्रा ने बताया कि आरोपी बिरजू पोद्दार पिछले 10 महीने से उसे लगातार परेशान कर रहा था। वह जब भी स्कूल जाती तो आरोपी रास्ते में रोककर उसे अपने साथ चलने के लिए कहता था। बात न मानने पर आरोपी उसके भाई को अगवा कर जान से मारने की धमकी देता था।
वैन में ले गए दीघा
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 26 जनवरी को जब वह स्कूल से घर लौट रही थी, तभी चांडिल बाजार में आरोपी अपने चार साथियों के साथ पहुंचा। आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर छात्रा को जबरदस्ती वैन में बैठाया और पहले कोलकाता ले गया। कोलकाता से आरोपी पीड़िता को दीघा ले गया। दीघा में आरोपी ने किराए पर लॉज लेकर छात्रा को वहां रखा। रात के समय पीड़िता के रोने, गिड़गिड़ाने के बावजूद बच्ची से दरिंदगी की।
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इसके साथ ही अदालत ने बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 96 एवं 137(2) के तहत दोषी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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पॉक्सो मामले में सजा
यह पूरा मामला चांडिल थाना क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने 26 जनवरी 2025 को पुलिस थाने में आरोपी बिरजू पोद्दार के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। पिता ने शिकायत में कहा था कि उनकी बेटी गणतंत्र दिवस मनाने के लिए विद्यालय गई थी। जब वह शाम तक वापस घर नहीं लौटी, तब परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की और फिर थाना पहुंचकर मामला दर्ज कराया। शिकायत में पिता ने आरोप लगाया था कि आरोपी उनकी बेटी को जान से मारने की नीयत से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
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दस महीने से उत्पीड़न
पीड़िता ने पुलिस के समक्ष बयान देते हुए पूरी घटना की जानकारी दी। छात्रा ने बताया कि आरोपी बिरजू पोद्दार पिछले 10 महीने से उसे लगातार परेशान कर रहा था। वह जब भी स्कूल जाती तो आरोपी रास्ते में रोककर उसे अपने साथ चलने के लिए कहता था। बात न मानने पर आरोपी उसके भाई को अगवा कर जान से मारने की धमकी देता था।
वैन में ले गए दीघा
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 26 जनवरी को जब वह स्कूल से घर लौट रही थी, तभी चांडिल बाजार में आरोपी अपने चार साथियों के साथ पहुंचा। आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर छात्रा को जबरदस्ती वैन में बैठाया और पहले कोलकाता ले गया। कोलकाता से आरोपी पीड़िता को दीघा ले गया। दीघा में आरोपी ने किराए पर लॉज लेकर छात्रा को वहां रखा। रात के समय पीड़िता के रोने, गिड़गिड़ाने के बावजूद बच्ची से दरिंदगी की।