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झारखंड: संतान की लंबी उम्र के लिए माताएं रखेंगी जिउतिया व्रत, जानें कब करें पूजा और कब होगा पारण

Thu, 01 Oct 2026 04:19 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 01 Oct 2026 04:19 PM IST
सार

जिउतिया पर्व 2 अक्टूबर से नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 3 अक्टूबर को माताएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। जीमूतवाहन पूजन के शुभ मुहूर्त के बाद 4 अक्टूबर को पारण किया जाएगा।

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Jharkhand: Mothers to observe Jivitputrika Vrat for the long life of their children news
जिउतिया पर्व - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संतान की कामना और संतान के उत्तम स्वास्थ्य के लिए किया जाने वाला जीवित्पुत्रिका यानी जिउतिया पर्व दो अक्तूबर से शुरू हो रहा है। पर्व का पहला संयम नहाय-खाय शुक्रवार, दो अक्तूबर को होगा। इस दिन व्रती महिलाएं सूर्योदय के बाद अपने कुलाचार के अनुसार किसी भी समय पूजन की विधि संपन्न कर सकती हैं। इस पावन अवसर पर माताएं अपनी संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए पूरे नियम-निष्ठा के साथ व्रत का पालन करती हैं।

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पूजन मुहूर्त और सरगही नियम
पंचांग गणना के अनुसार वाराणसी और मिथिला पंचांग को मानने वाले श्रद्धालुओं को शनिवार, तीन अक्तूबर की सुबह 4:50 बजे से पहले ओठगन अथवा सरगही और अन्य कुलाचार विधि कर लेनी चाहिए। वहीं ऋषिकेश पंचांग के अनुसार तीन अक्तूबर को माताओं को सुबह 4:00 बजे से पहले सरगही कर लेनी चाहिए। इसके बाद तीन अक्तूबर को माताएं दिनभर और रातभर उपवास रखेंगी।
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व्रत तथा जीमूतवाहन पूजन के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक रहेगा। वहीं, पूजन का सर्वोत्तम मुहूर्त शाम 5:32 बजे से रात 7:00 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त जीमूतवाहन पूजन प्रदोष काल में किया जाएगा, जिसमें व्रती महिलाएं अपने घर या मंदिर में शाम 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक पूजन के बाद कथा सुन सकेंगी।
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पारण का समय और विधि
जिउतिया व्रत का पारण आश्विन कृष्ण पक्ष नवमी, रविवार चार अक्तूबर को किया जाएगा। वाराणसी पंचांग के अनुसार चार अक्तूबर को सुबह 7:54 बजे के बाद कुलाचार विधि से पूजा करने के बाद किसी भी समय पारण किया जा सकता है। ऋषिकेश पंचांग के अनुसार व्रत का पारण चार अक्तूबर को सुबह 7:30 बजे के बाद किसी भी समय किया जा सकता है। सभी व्रती अपनी कुल परंपरा के अनुसार पूजन और व्रत कर सकती हैं।

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