बिहार: विधायक अनंत सिंह की सदस्यता पर बढ़ा सियासी सस्पेंस, जदयू की सिफारिश पर विधानसभा अध्यक्ष ने कही बड़ी बात
बिहार में मोकामा विधायक अनंत सिंह की सदस्यता पर फैसला विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार करेंगे। जदयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है। अध्यक्ष ने दस्तावेजों और साक्ष्यों की समीक्षा की बात कही है।
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बिहार में मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए उनकी सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की है। इस मामले पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्राप्त दस्तावेजों और साक्ष्यों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। समीक्षा पूरी होने के बाद संवैधानिक प्रावधानों और विधानसभा की नियमावली के अनुसार फैसला लिया जाएगा।
जदयू ने सौंपे वीडियो और अखबारों की कटिंग
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मोकामा विधायक अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई के मामले में स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पार्टी की ओर से कुछ दस्तावेज और साक्ष्य सौंपे गए हैं। सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
दरअसल, विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह पर जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार का समर्थन नहीं करने और जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार करने का आरोप लगा था। इस मामले को लेकर पार्टी के भीतर विवाद बढ़ गया। जदयू की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत पत्र के साथ वीडियो, अखबारों की कटिंग और अन्य साक्ष्य भी सौंपे गए हैं।
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जदयू ने छह साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित
अनंत सिंह के पार्टी लाइन से अलग बयान देने और गतिविधियों को लेकर जदयू ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके बाद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है। पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की सदस्यता तत्काल रद्द करने की अनुशंसा की है। जदयू का आरोप है कि अनंत सिंह की गतिविधियां पार्टी के आधिकारिक रुख के विपरीत रही हैं। इसी आधार पर पार्टी ने उनकी विधायकी समाप्त करने की मांग उठाई है।
अब विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी नजरें
जदयू की ओर से सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश किए जाने का मतलब यह नहीं है कि अनंत सिंह की विधायकी स्वतः समाप्त हो गई है। इस मामले में अंतिम निर्णय लेने की जिम्मेदारी विधानसभा अध्यक्ष की है। उन्हें संविधान की दसवीं अनुसूची और संबंधित नियमों के तहत मामले पर विचार करना होगा। डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया है कि सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद नियमानुसार फैसला लिया जाएगा। ऐसे में अब सबकी नजरें विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर टिकी हैं।