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लोकसभा चुनाव: झारखंड के एकमात्र ट्रांसजेंडर उम्मीदवार को नहीं मिला जनता का साथ; वोट मिले नोटा से भी कम
Wed, 05 Jun 2024 12:21 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Wed, 05 Jun 2024 12:21 PM IST
सार
मंगलवार को देर शाम लोकसभा चुनाव का परिणाम घोषित हुआ। धनबाद लोकसभा सीट से झारखंड की एकमात्र ट्रांसजेंडर उम्मीदवार को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। हालांकि उन्होंने निर्दलीय इस सीट से चुनाव लड़ा था
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चुनाव आयोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंगलवार को देर शाम लोकसभा चुनाव का परिणाम घोषित हुआ। धनबाद लोकसभा सीट से झारखंड की एकमात्र ट्रांसजेंडर उम्मीदवार को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। हालांकि उन्होंने निर्दलीय इस सीट से चुनाव लड़ा था
देश में सात चरणों में हुए लोकसभा चुनाव की मंगलवार को मतगणना हुई। देश की जनता की निगाह भाजपा और कांग्रेस की सीटों पर टिकी रही। देर शाम चुनाव का परिणाम घोषित हुआ। वहीं झारखंड की धनबाद लोकसभा सीट से एक ट्रांसजेंडर ने चुनाव लड़ा था। सुनैना किन्नर जो कि एक ट्रांसजेंडर हैं, उन्होंने धनबाद लोकसभा सीट से निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का फैसला किया। सुनैना ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवारों को कांटे की टक्कर दी थी।
हालांकि नतीजों में सामने आया कि सुनैना को 3,462 वोट मिले। वहीं इस लोकसभा सीट पर 7,354 मतदाताओं ने इनमें से कोई नहीं (नोटा) विकल्प चुना। बता दें कि धनबाद सीट से 25 उम्मीदवार मैदान में कूदे थे। सुप्रिया के अलावा 18 और उम्मीदवार थे, जिन्हें नोटा से भी कम वोट मिले हैं। भाजपा के दुलु महतो ने अपने कांग्रेस की प्रतिद्वंदी अनुपमा सिंह को 3 लाख से अधिक वोटों से हराया।
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ट्रांसजेंडर का लोकसभा चुनाव लड़ना ही काफी सराहनीय था। सुनैना ने अपने नतीजों के बाद कहा कि मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मुझे कितने वोट मिले हैं। मैं खुश हूं, कि मैंने चुनाव लड़ा। धनबाद के लोगों ने मुझे इस सीट के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार किया है। इतने लोगों ने मुझे समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि गरीबों, जरूरतमंदों तक सेवा पहुंचाना, बेरोजगारी, महंगाई, जल संकट जैसे मुद्दों को उठाने के अपने मिशन पर मैं काम करती रहूंगी।
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देश में सात चरणों में हुए लोकसभा चुनाव की मंगलवार को मतगणना हुई। देश की जनता की निगाह भाजपा और कांग्रेस की सीटों पर टिकी रही। देर शाम चुनाव का परिणाम घोषित हुआ। वहीं झारखंड की धनबाद लोकसभा सीट से एक ट्रांसजेंडर ने चुनाव लड़ा था। सुनैना किन्नर जो कि एक ट्रांसजेंडर हैं, उन्होंने धनबाद लोकसभा सीट से निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का फैसला किया। सुनैना ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवारों को कांटे की टक्कर दी थी।
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हालांकि नतीजों में सामने आया कि सुनैना को 3,462 वोट मिले। वहीं इस लोकसभा सीट पर 7,354 मतदाताओं ने इनमें से कोई नहीं (नोटा) विकल्प चुना। बता दें कि धनबाद सीट से 25 उम्मीदवार मैदान में कूदे थे। सुप्रिया के अलावा 18 और उम्मीदवार थे, जिन्हें नोटा से भी कम वोट मिले हैं। भाजपा के दुलु महतो ने अपने कांग्रेस की प्रतिद्वंदी अनुपमा सिंह को 3 लाख से अधिक वोटों से हराया।
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ट्रांसजेंडर का लोकसभा चुनाव लड़ना ही काफी सराहनीय था। सुनैना ने अपने नतीजों के बाद कहा कि मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मुझे कितने वोट मिले हैं। मैं खुश हूं, कि मैंने चुनाव लड़ा। धनबाद के लोगों ने मुझे इस सीट के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार किया है। इतने लोगों ने मुझे समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि गरीबों, जरूरतमंदों तक सेवा पहुंचाना, बेरोजगारी, महंगाई, जल संकट जैसे मुद्दों को उठाने के अपने मिशन पर मैं काम करती रहूंगी।