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Jharkhand: झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता निलंबित, ईडी की गिरफ्तारी के बाद की गई कार्रवाई
Tue, 28 Feb 2023 12:49 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, रांची।
पीटीआई, रांची।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 28 Feb 2023 12:49 AM IST
सार
रांची की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने 23 फरवरी को राम को पांच दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था। वह कुछ योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं।
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झारखंड सचिवालय (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
झारखंड में ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र कुमार राम को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद की गई है। झारखंड सरकार ने सोमवार को बताया कि उसने ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र कुमार राम को निलंबित कर दिया है।
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इससे पहले रांची की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने 23 फरवरी को राम को पांच दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था। वह कुछ योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं।
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झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि ग्रामीण विकास विभाग (विशेष प्रक्षेत्र) के मुख्य अभियंता वीरेन्द्र कुमार राम को झारखंड शासकीय सेवक नियम-2016 के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किए जाने की तारीख 23 फरवरी 2023 से अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है। गौरतलब है कि वीरेन्द्र कुमार राम को प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार के मामले में लंबी पूछताछ के बाद 23 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया था।
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झारखंड की राजधानी रांची में एजेंसी के कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद राम को ईडी की हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा 21 फरवरी को रांची, जमशेदपुर समेत झारखंड, बिहार और दिल्ली के कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी के बाद की गई थी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा था कि वह ईडी को जवाब देने में टालमटोल कर रहे थे।
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला राज्य सतर्कता ब्यूरो की शिकायत के बाद दर्ज किया गया है, जिसमें सरकारी काम के अनुदान के बदले कुछ कथित कमीशन का भुगतान किया गया था। और यह आय से अधिक संपत्ति के कथित कब्जे से जुड़ा हुआ मामला है। राम के ठिकानों पर की गई छापेमारी में करोड़ों रुपये नकद, करोड़ों रुपये के जेवरात एवं करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियां बरामद हो चुकी हैं और मामले में अभी पूछताछ और जांच की जा रही है।