{"_id":"6ac67162e6207689b209062a","slug":"giridih-jssc-cgl-case-absconding-accused-notice-property-attachment-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"रांची: जेएसएससी-सीजीएल गड़बड़ी केस में फरार आरोपी के घर लगा इश्तेहार, सरेंडर नहीं किया तो होगी कुर्की-जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रांची: जेएसएससी-सीजीएल गड़बड़ी केस में फरार आरोपी के घर लगा इश्तेहार, सरेंडर नहीं किया तो होगी कुर्की-जब्त
Wed, 07 Oct 2026 10:16 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Wed, 07 Oct 2026 10:16 PM IST
सार
गिरिडीह में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी ने फरार आरोपी सौरव कुमार उर्फ सौरव पांडेय के घर बुधवार को इश्तेहार चस्पा किया। बेंगाबाद थाना क्षेत्र के हथबोर गांव में हुई कार्रवाई के दौरान आरोपी को तय समयसीमा में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर मकान की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गिरिडीह में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने बुधवार को फरार आरोपी सौरव कुमार उर्फ सौरव पांडेय के घर पर इश्तेहार चस्पा कर दिया। सीआईडी ने यह कार्रवाई गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र स्थित बदवारा पंचायत के हथबोर गांव में की। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी ने यदि तय समयसीमा के भीतर आत्मसमर्पण नहीं किया, तो अदालत की प्रक्रिया के तहत उसके मकान की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
इश्तेहार चस्पा और पुलिस टीम की कार्रवाई
सीआईडी की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से हथबोर गांव पहुंचकर फरार चल रहे आरोपी सौरव पांडेय के आवास पर कानूनी नोटिस चिपकाया। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में सहायक उपनिरीक्षक बबलू कुमार सोनी, आरक्षी अमर कुमार तथा बेंगाबाद थाने के सहायक उपनिरीक्षक अशोक कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। सीआईडी की पूछताछ में सामने आए विभिन्न तथ्यों के आधार पर सौरव पांडेय पर जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों से पैसों की अवैध वसूली करने में भूमिका निभाने का गंभीर आरोप है। आरोपी की ओर से इन आरोपों अथवा पुलिस कार्रवाई पर फिलहाल कोई औपचारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है।
सौरव मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी का साला
जांच एजेंसी के अनुसार सौरव कुमार इस मामले के मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी का साला है। अभय तिवारी परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल का विपणन प्रबंधक था, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। सीआईडी की पूछताछ में सामने आया है कि अभय तिवारी ने अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न और उनके उत्तर उपलब्ध कराए थे तथा उनसे उत्तर रटवाए थे। मामले की गहन जांच के दौरान बेंगाबाद निवासी समीर कुमार की गिरफ्तारी भी हुई थी। समीर से की गई कड़ी पूछताछ के बाद जांच टीम को परीक्षा में हुई कथित धांधली से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- मनी लॉन्ड्रिंग केस में मधु कोड़ा को कोर्ट से झटका, ईडी के आरोप पत्र में राशि बदलाव को चुनौती वाली याचिका खारिज
कानूनी प्रावधान और अब तक हुई गिरफ्तारियां
सीआईडी ने यह मामला झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज करके आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी परीक्षा में अनियमितता बरतने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार दबिश दे रही है। इस परीक्षा लीक प्रकरण में सीआईडी अब तक 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि अभ्यर्थियों से धन ऐंठने और परीक्षा की शुचिता भंग करने में शामिल फरार आरोपी सौरव पांडेय को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन
इश्तेहार चस्पा और पुलिस टीम की कार्रवाई
सीआईडी की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से हथबोर गांव पहुंचकर फरार चल रहे आरोपी सौरव पांडेय के आवास पर कानूनी नोटिस चिपकाया। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में सहायक उपनिरीक्षक बबलू कुमार सोनी, आरक्षी अमर कुमार तथा बेंगाबाद थाने के सहायक उपनिरीक्षक अशोक कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। सीआईडी की पूछताछ में सामने आए विभिन्न तथ्यों के आधार पर सौरव पांडेय पर जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों से पैसों की अवैध वसूली करने में भूमिका निभाने का गंभीर आरोप है। आरोपी की ओर से इन आरोपों अथवा पुलिस कार्रवाई पर फिलहाल कोई औपचारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है।
विज्ञापन
सौरव मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी का साला
जांच एजेंसी के अनुसार सौरव कुमार इस मामले के मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी का साला है। अभय तिवारी परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल का विपणन प्रबंधक था, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। सीआईडी की पूछताछ में सामने आया है कि अभय तिवारी ने अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न और उनके उत्तर उपलब्ध कराए थे तथा उनसे उत्तर रटवाए थे। मामले की गहन जांच के दौरान बेंगाबाद निवासी समीर कुमार की गिरफ्तारी भी हुई थी। समीर से की गई कड़ी पूछताछ के बाद जांच टीम को परीक्षा में हुई कथित धांधली से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- मनी लॉन्ड्रिंग केस में मधु कोड़ा को कोर्ट से झटका, ईडी के आरोप पत्र में राशि बदलाव को चुनौती वाली याचिका खारिज
कानूनी प्रावधान और अब तक हुई गिरफ्तारियां
सीआईडी ने यह मामला झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज करके आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी परीक्षा में अनियमितता बरतने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार दबिश दे रही है। इस परीक्षा लीक प्रकरण में सीआईडी अब तक 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि अभ्यर्थियों से धन ऐंठने और परीक्षा की शुचिता भंग करने में शामिल फरार आरोपी सौरव पांडेय को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।