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झारखंड: बेतला नेशनल पार्क में अब वन्यजीवों को खाना खिलाना पड़ेगा भारी, जुर्माने के साथ होगी कानूनी कार्रवाई
Wed, 07 Oct 2026 08:49 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Wed, 07 Oct 2026 08:49 PM IST
सार
बेतला राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों द्वारा वन्यजीवों को खाना खिलाने पर अब सख्ती होगी। बंदरों या अन्य जंगली जानवरों को खाद्य सामग्री खिलाते पकड़े जाने पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पलामू टाइगर रिजर्व।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध बेतला राष्ट्रीय उद्यान में प्रशासन ने पर्यटकों द्वारा वन्यजीवों को किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री खिलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। राष्ट्रीय उद्यान में बंदरों अथवा किसी अन्य जंगली जानवर को भोजन कराते हुए पकड़े जाने पर संबंधित पर्यटक के विरुद्ध आर्थिक जुर्माना लगाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पलामू टाइगर रिजर्व के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना ने पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जंक फूड से बदल रहा वन्यजीवों का व्यवहार
पलामू टाइगर रिजर्व के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना के अनुसार उद्यान में आने वाले कई भ्रमणकारी बंदरों को जंक फूड, फास्ट फूड और कई प्रकार की बाहरी खाद्य सामग्री परोसते हैं। प्रबंधन के अनुसार लगातार इस प्रकार का भोजन मिलने के कारण बंदरों की स्वाभाविक और प्राकृतिक भोजन करने की आदतें गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। इसके परिणामस्वरूप उनके व्यवहार में अत्यधिक आक्रामकता देखने को मिल रही है। पार्क अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों से लगातार खाने-पीने की चीजें प्राप्त करने की आदत के चलते कई बंदर भोजन पाने के लिए सीधे लोगों के काफी निकट पहुंच जाते हैं। इस दौरान पर्यटकों से सामान छीनने और भ्रमणकारियों को परेशान करने की कई घटनाएं भी लगातार सामने आती रही हैं।
पचास से अधिक आक्रामक बंदरों का रेस्क्यू
राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र तथा आसपास के इलाकों में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए निरंतर परेशानी का कारण बने 50 से अधिक आक्रामक बंदरों को वन विभाग की टीम ने हाल ही में सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया है। विभाग के अनुसार चलाए गए इस विशेष अभियान के माध्यम से पकड़े गए इन सभी बंदरों को पर्यटकों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से काफी दूर पलामू टाइगर रिजर्व के घने प्राकृतिक जंगलों में छोड़ दिया गया है। पार्क प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य इन बंदरों को उनके मूल प्राकृतिक वातावरण में वापस पहुंचाना है। इसके साथ ही उद्यान में आने वाले पर्यटकों और वन्यजीवों के मध्य होने वाले अनावश्यक संपर्क को कम करना भी इस कदम का बड़ा लक्ष्य है।
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नियम तोड़ने पर वन्यजीव कानून के तहत कार्रवाई
पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया है कि पर्यटकों को वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। जंगली जानवरों को किसी भी प्रकार का खाना या अन्य खाद्य पदार्थ खिलाना भी इसी प्रतिबंधत्मक श्रेणी में शामिल है। प्रबंधन के अनुसार यदि कोई भी पर्यटक राष्ट्रीय उद्यान के सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए वन्यजीवों को किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री खिलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ देश में लागू वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- बिहार: ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ पटना में सेवा ज्योति यात्रा शुरू, सीएम ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
उद्यान भ्रमण के दौरान सुरक्षित दूरी बनाने की सलाह
वन विभाग ने बेतला राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा पर आने वाले सभी पर्यटकों से विशेष अपील की है कि वे भ्रमण के दौरान सभी वन्यजीवों से एक सुरक्षित दूरी अनिवार्य रूप से बनाए रखें। इसके साथ ही पर्यटकों को यह भी कहा गया है कि वे जानवरों को किसी भी प्रकार का भोजन न दें और उद्यान के सभी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें। वन विभाग का मानना है कि ऐसा करने से न केवल पर्यटकों की स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि वन्यजीवों के स्वाभाविक एवं प्राकृतिक व्यवहार को पूर्ववत बनाए रखने में भी काफी सहायता प्राप्त होगी।
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जंक फूड से बदल रहा वन्यजीवों का व्यवहार
पलामू टाइगर रिजर्व के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना के अनुसार उद्यान में आने वाले कई भ्रमणकारी बंदरों को जंक फूड, फास्ट फूड और कई प्रकार की बाहरी खाद्य सामग्री परोसते हैं। प्रबंधन के अनुसार लगातार इस प्रकार का भोजन मिलने के कारण बंदरों की स्वाभाविक और प्राकृतिक भोजन करने की आदतें गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। इसके परिणामस्वरूप उनके व्यवहार में अत्यधिक आक्रामकता देखने को मिल रही है। पार्क अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों से लगातार खाने-पीने की चीजें प्राप्त करने की आदत के चलते कई बंदर भोजन पाने के लिए सीधे लोगों के काफी निकट पहुंच जाते हैं। इस दौरान पर्यटकों से सामान छीनने और भ्रमणकारियों को परेशान करने की कई घटनाएं भी लगातार सामने आती रही हैं।
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पचास से अधिक आक्रामक बंदरों का रेस्क्यू
राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र तथा आसपास के इलाकों में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए निरंतर परेशानी का कारण बने 50 से अधिक आक्रामक बंदरों को वन विभाग की टीम ने हाल ही में सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया है। विभाग के अनुसार चलाए गए इस विशेष अभियान के माध्यम से पकड़े गए इन सभी बंदरों को पर्यटकों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से काफी दूर पलामू टाइगर रिजर्व के घने प्राकृतिक जंगलों में छोड़ दिया गया है। पार्क प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य इन बंदरों को उनके मूल प्राकृतिक वातावरण में वापस पहुंचाना है। इसके साथ ही उद्यान में आने वाले पर्यटकों और वन्यजीवों के मध्य होने वाले अनावश्यक संपर्क को कम करना भी इस कदम का बड़ा लक्ष्य है।
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नियम तोड़ने पर वन्यजीव कानून के तहत कार्रवाई
पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया है कि पर्यटकों को वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। जंगली जानवरों को किसी भी प्रकार का खाना या अन्य खाद्य पदार्थ खिलाना भी इसी प्रतिबंधत्मक श्रेणी में शामिल है। प्रबंधन के अनुसार यदि कोई भी पर्यटक राष्ट्रीय उद्यान के सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए वन्यजीवों को किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री खिलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ देश में लागू वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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उद्यान भ्रमण के दौरान सुरक्षित दूरी बनाने की सलाह
वन विभाग ने बेतला राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा पर आने वाले सभी पर्यटकों से विशेष अपील की है कि वे भ्रमण के दौरान सभी वन्यजीवों से एक सुरक्षित दूरी अनिवार्य रूप से बनाए रखें। इसके साथ ही पर्यटकों को यह भी कहा गया है कि वे जानवरों को किसी भी प्रकार का भोजन न दें और उद्यान के सभी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें। वन विभाग का मानना है कि ऐसा करने से न केवल पर्यटकों की स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि वन्यजीवों के स्वाभाविक एवं प्राकृतिक व्यवहार को पूर्ववत बनाए रखने में भी काफी सहायता प्राप्त होगी।