Protest In Jharkhand: आज छात्र आंदोलनकारियों का विधानसभा मार्च, निषेधाज्ञा लागू; रांची पुलिस की रणनीति क्या?
झारखंड में आंदोलन कर रहे युवा छात्र और अभ्यर्थी आज विधानसभा का घेराव करेंगे। इस मार्च को लेकर रांची पुलिस अलर्ट मोड में है। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है। राज्य में विपक्षी दल भाजपा के नेता ने नजरबंद किए जाने का आरोप लगाया है।
विस्तार
झारखंड पुलिस ने सोमवार को होने वाले 'विधानसभा मार्च' के मद्देनजर विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है। राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दो सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह मार्च बुलाया है। शहर भर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भाजपा नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को "घर में नजरबंद" कर दिया गया है।
दो हफ्ते से अधिक समय से जारी है आंदोलन
- झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं छात्र।
- 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी, प्रदर्शन की जगह पर जुटने लगे छात्र।
- विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचे।
- राजधानी रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए आंदोलनकारी।
- कई छात्रों ने स्टेडियम परिसर में ही रात गुजारी।
- स्टेडियम परिसर में कई छात्र वॉलीबॉल कोर्ट और अन्य स्थानों पर आराम करते नजर आए।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 16 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं छात्र।
- सरकार ने 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
- विवादित वेंडर एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से आयोजित पहले की परीक्षाओं में वित्तीय लेनदेन के आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराई जाएगी।
- सरकार का कहना है कि सीजीएल परीक्षा को रद्द करना संभव नहीं है।
- मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा, भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और धांधलीमुक्त बनाने के लिए सरकार व्यापक नीतिगत सुधार लागू करेगी।
- विशेषज्ञों के साथ छात्र प्रतिनिधियों को शामिल कर उच्च स्तरीय समिति गठित करेगी सरकार।
- मंत्रियों ने अनशनरत कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया।
- सभी मांगे पूरी नहीं होने के कारण देवेंद्र ने फिलहाल अनशन जारी रखने का फैसला किया है।
बाउरी, जो पार्टी के प्रदेश महासचिव भी हैं, ने कहा कि सरकार साहू के आवास के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात करके "सफलता प्राप्त नहीं कर पाएगी"। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य विधानसभा में प्रस्तावित घेराव को देखते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा कि छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका के मद्देनजर पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
भाजपा के तेवर आक्रामक, कटघरे में CM हेमंत की सरकार
उन्होंने कहा, इस सरकार के कार्यकाल में पिछले सात वर्षों में 13 परीक्षाएं आयोजित की गई हैं। सिर्फ एक को छोड़कर, हर परीक्षा जांच के दायरे में आई है। पेपर लीक, धांधली, फर्जी परीक्षार्थियों (नकली परीक्षार्थियों) की संलिप्तता और विभिन्न केंद्रों पर एक ही सीरियल नंबर वाले उम्मीदवारों की व्यवस्थित भर्ती जैसे मुद्दों ने इन परीक्षाओं को प्रभावित किया है। छात्रों ने लगातार इन मामलों पर अपना विरोध और शिकायतें व्यक्त की हैं। फिर भी, सरकार ने आगे बढ़ते हुए बार-बार उनकी आवाज को दबाया है।
क्या आंदोलन को गुमराह करने का प्रयास किया गया?#WATCH | Ranchi, Jharkhand: On the JPSC-JSSC aspirants’ protest in Ranchi, BJP state general secretary Amar Kumar Bauri says, "13 examinations have been conducted during this government's tenure over the last seven years. With the exception of just one, every single exam has come… pic.twitter.com/eli4kB2wbo
— ANI (@ANI) August 9, 2026
उदाहरण के लिए, हाल ही में हुई जेपीएससी 14वीं प्रारंभिक परीक्षा को ही लें; इसके बाद वायरल हुई ओएमआर शीट ने हंगामा खड़ा कर दिया, जिसके कारण छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ जो अब 16 दिनों से जारी है... शुरू में, सरकार ने छात्र आंदोलन को पटरी से उतारने और प्रदर्शनकारियों को गुटों में बांटने का प्रयास किया; कांग्रेस ने अपनी एनएसयूआई शाखा को तैनात किया, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने झारखंड छात्र मोर्चा को मैदान में उतारा। उन्होंने "बाहरी लोगों" के नारे लगाकर गुमराह करने की कोशिश भी की। आदिवासी संगठन भी इस कहानी को दोहरा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था कैसी, निषेधाज्ञा में क्या?
विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू कर दी गई है। यह आदेश इन दिनों सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। रांची में विरोध मार्च के मद्देनजर रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी ऐसा ही आदेश लागू किया गया है।
रांची के पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और पूरे शहर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
विधानसभा घेराव से पहले आंदोलनकारियों ने क्या कहा?
छात्र नेता संजय मेहता ने कहा, आंदोलन दृढ़ता से जारी है। तीन दौर की बातचीत के बाद भी सरकार ने हमारी सभी मांगों को नहीं माना है। विधानसभा तक निर्धारित मार्च में झारखंड के सभी जिलों के उम्मीदवार और हमारे साथी अपना नैतिक समर्थन दे रहे हैं। हम बड़ी संख्या में पुराने विधानसभा भवन से नए भवन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। सीजीएल परीक्षा रद्द हो ये हमारी प्रमुख मांग है।सीजीएल मामले की सीबीआई जांच कराई जाए, सरकार हमारे द्वारा प्रस्तावित सुधार मॉडल को स्वीकार कर हमारी तरफ से सुझाए गए भर्ती कैलेंडर का पालन करे। इनमें से एक भी मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
झारखंड के इतिहास में एक नया उदाहरण स्थापित करने की तैयारी
विधानसभा घेराव की योजना पर एक अन्य छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा, हमारी प्राथमिक मांग जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा से संबंधित थी। इसके अलावा, हमने अभय कुमार तिवारी से जुड़ी सभी परीक्षाओं की जांच और उन्हें रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, सरकार केवल उनसे जुड़ी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की जांच करने पर सहमत है... यह अफवाह फैलाई जा रही है कि हमारी सभी मांगें पूरी कर दी गई हैं, जो पूरी तरह गलत है। मैं प्रशासन से अपील करता हूं कि राज्य के विभिन्न जिलों से आ रहे लोगों को न रोकें... हम झारखंड के इतिहास में एक नया उदाहरण स्थापित करेंगे... हमारा दृष्टिकोण पूरी तरह अहिंसक और गांधीवादी होगा।
98% मांगें मान ली गई हैं, लेकिन...
जेपीएससी-जेएससीसी अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन में शामिल एक अन्य छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा, सरकार के साथ वार्ता के बाद यह प्रचार किया जा रहा है कि हमारी 98% मांगें मान ली गई हैं। हमने अपनी मांगों को तीन श्रेणियों में बांटा था—परीक्षा रद्द करना, जांच और सुधार। सरकार ने सुधारों से संबंधित मांगों को स्वीकार कर लिया और पूरा भी कर दिया। हालांकि, परीक्षाओं को रद्द करने की हमारी मांग—विशेष रूप से टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा, पीजीटी परीक्षा, आबकारी परीक्षा और अभय तिवारी से संबंधित अन्य सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर सरकार ने कोई सहमति नहीं दी है।
असामाजिक और उपद्रवी तत्वों से कैसे निपटेंगे आंदोलन में शामिल युवा
रविंद्र पासवान ने कहा, 'इस मंच के माध्यम से, मैं झारखंड के सभी छात्रों और युवाओं से अपील करता हूं: यदि आप टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाएं रद्द करवाना और सीबीआई जांच करवाना चाहते हैं, और यदि आप जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करवाना और सीबीआई द्वारा जांच करवाना चाहते हैं, तो विधानसभा घेराव में शामिल हों... हमारा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सांविधानिक होगा, हम इसे सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग भी चाहते हैं। यदि कोई असामाजिक तत्व या यदि कोई उपद्रवी व्यक्ति हमारे आंदोलन को कमजोर करने या हिंसा भड़काने का प्रयास करता है, तो आंदोलन में शामिल छात्र उसका कड़ा विरोध कर उसे पुलिस के हवाले कर देंगे।
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पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने दो सप्ताह से अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन में अनुशासन दिखाया है।
कौशिक ने यह भी कहा कि यह छात्रों की जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए। रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी भी प्रकार के आक्रामक प्रदर्शन में भाग न लेने की अपील की है। प्रशासन ने विधानसभा मार्च के दौरान हिंसा और अवैध गतिविधियों के प्रति भी आगाह किया है।
जेपीएससी और JSSC को लेकर विरोध प्रदर्शन, मौजूदा स्थिति क्या?
छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। इनमें से छह छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से राज्य की राजधानी आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस जबरन रोक रही है। पुलिस अधीक्षक रंजन ने कहा कि हम कानून व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी भी छात्र के कॅरिअर पर कोई दाग नहीं लगने देना चाहते हैं।
