झारखंड: पुलिस ने अमेरिकियों को निशाना बनाने वाले कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़
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झारखंड के धनबाद से पुलिस ने 20 लोगों को एक कॉल सेंटर घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। यह लोग ऑनलाइन अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। अवैध रूप से चल रहे इस कॉल सेंटर पर कथित तौर पर अमेरिकियों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। वह उन्हें बताते थे कि उनके खाते से पैसा काटा जा रहा है और फिर वह उन्हें एक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने के लिए कहते थे।
इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने कहा, 'हमें जानकारी मिली थी कि कुछ लोग एक अवैध कॉल सेंटर चला रहे हैं। उनकी गतिविधियां संदिग्ध थीं। हमने वहां छापेमारी की और वहां से हमने 44 कंप्यूटर, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के लिए 28 आईपी फोन और आठ मॉडम को जब्त किया है।'
कौशल ने कहा, 'वे पीड़ितों को बताते थे कि उनके खाते की शेष राशि में कटौती की जा रही है और उन्हें एक हेल्पलाइन नंबर देते थे। वे पीड़ितों के कंप्यूटर्स को एक्सेस (पहुंच) किया करते थे।' पुलिस का कहना है कि मास्टरमाइंड विक्रांत सिंह और ज्वाला सिंह इससे पहले एक कॉल सेंटर में काम करते थे। वह इस तरह प्रति महीने 35 लाख रुपये कमाते थे।
ऑनलाइन कॉल सेंटर के जरिए बढ़ रही धोखाधड़ी की घटनाएं
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में पश्चिम दिल्ली के कीर्ति नगर में एक फर्जी अतंरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था। जिसमें 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह के एक और फर्जी कॉल सेंटर का पश्चिमी दिल्ली में पर्दाफाश हुआ था। जिसमें 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। यह लोग खुद को कनाडा के पुलिस अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी करते थे।
पश्चिम दिल्ली के मोती नगर से 55 कंप्यूटर, 35 मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों के साथ गैरकानूनी सॉफ्टवेयर प्रोग्राम जब्त किए गए जहां से यह घोटाला चलाया जा रहा था। इसी तरह की घटना राजस्थान के बीकानेर में घटित हुई थी। यहां एक करोड़ की धोखाधड़ी में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी लोगों से कहते थे कि उनकी एलआईसी पॉलिसी की अवधि पूरी हो गई है और उन्हें व्हाट्सएप के जरिए पैसे ट्रांसफर करने को कहते थे।