झारखंड: 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सिविल जज भर्ती पर 31 अगस्त को होगी सुनवाई
झारखंड सरकार की ओर से 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। सिविल जज जूनियर डिवीजन भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की है।
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झारखंड सरकार की ओर से 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इसी क्रम में सिविल जज जूनियर डिवीजन भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ दाखिल याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने सरकार की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से मामले की शीघ्र सुनवाई का आग्रह किया गया। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की।
याचिकाकर्ता आदित्य भास्कर और आयुष कुमार वर्मा ने राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी है। उनकी ओर से अधिवक्ता अभय आनंद और सोनल ने पक्ष रखा।
विज्ञापन संख्या 22/2023 से जुड़ा है मामला
यह मामला सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा के विज्ञापन संख्या 22/2023 से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के सरकार के फैसले को न्यायिक जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। दरअसल, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान सीआईडी की ओर से सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने उन परीक्षाओं की समीक्षा और कार्रवाई का निर्णय लिया, जिनमें टीडीपीएल की भूमिका सामने आई थी। सरकार ने वर्ष 2014 से आयोजित भर्ती परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की भी घोषणा की है।
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इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी कर 22 परीक्षाओं को रद्द करने, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया पर रोक लगाने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का निर्णय लिया। अब सिविल जज जूनियर डिवीजन भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के फैसले की वैधता पर झारखंड हाईकोर्ट में 31 अगस्त को आगे सुनवाई होगी।