झारखंडः पेट की भूख के लिए विधवा ने दो हजार में बेच दिया दो दिन का बेटा
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गरीबी की मार सहते लोगों के अपने बच्चों को बेचने की खबर तो आपने खूब सुनी होंगी लेकिन जो खबर हम आपको बताने वाले हैं वो वाकई दिल दहलाने वाली है। झारखंड के रामगढ़ में एक आदिवासी विधवा ने अपने लख्ते जिगर को दो हजार रुपये में एक व्यक्ति के हाथों बेच दिया। मजबूर मां के पेट की भूख उसकी ममता पर भारी पड़ गई।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मामला रामगढ़ जिले के मांडू ब्लॉक का है। जहां बिहोर जनजाति से संबंध रखने वाली बांजी गांव की महिला को यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। महिला इस कदर गरीब थी कि उसके सामने भूखे मरने का संकट पैदा हो गया था जिसके बाद उसने यह दर्दनाक कदम उठाया।
मंगलवार को यह मामला जिला प्रशासन के सामने आया तो हड़कंप मच गया। इसके बाद बच्चे की तलाश शुरू कर दी गई। एसडीएम किरन कुमार पासी ने भी इस बात की पुष्टि की कि उक्त मां ने दो हजार रुपये में अपने बच्चे को किसी और के हाथों बेच दिया। इसके बाद प्रशासन ने बच्चे को वापस लाने के लिए गंभीर प्रयास शुरू किए।
मामला सामने आने पर बच्चे की तलाश में जुटा प्रशासन
एक अधिकारी ने बताया कि जिस व्यक्ति ने बच्चे को खरीदा था उसकी पहचान कर ली गई है। इस संबंध में मांडू ब्लॉक के बीडीओ और अन्य अधिकारियों को बच्चे को वापस लाने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं एसडीएम किरन कुमार पासी ने बताया कि हमने उस बच्चे को लाने की पहल की है, जिसे उसकी मां अनो देवी ने इस मजबूरी में बेच दिया था क्योंकि वह उसका और अपना पेट नहीं पाल सकती थी। मामले में मांडू के बीडीओ को सभी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अनो देवी ने छह महीने पहले अपने पति की मौत के बाद दो दिन पहले ही इस बच्चे को जन्म दिया था। हालांकि उसके पहले से ही छह बच्चे हैं। जिनमें से दो की शादी हो चुकी है इसके बाद से वह चार बच्चों की देखभाल कर रही है।