झारखंड: माध्यमिक आचार्य परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी पर हाईकोर्ट सख्त, जेएसएससी के आईटी विशेषज्ञ तलब
माध्यमिक आचार्य परीक्षा के ऑनलाइन पोर्टल में ‘यूजर डज नॉट एग्जिस्ट’ की शिकायत पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने जेएसएससी के आईटी विशेषज्ञ को अगली सुनवाई में सर्वर लॉग और तकनीकी विवरण के साथ व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
विस्तार
माध्यमिक आचार्य परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पोर्टल पर आई तकनीकी समस्या के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन और प्रवेश पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान कई अभ्यर्थियों को पोर्टल पर ‘यूजर डज नॉट एग्जिस्ट’ का संदेश दिखाई देने की शिकायत की गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के आईटी विशेषज्ञ को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
ऑनलाइन प्रक्रिया में आई तकनीकी दिक्कत
उच्च न्यायालय में दायर याचिका के अनुसार माध्यमिक आचार्य परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन और प्रवेश पत्र प्राप्त करने के दौरान अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की वेबसाइट पर पंजीकरण संख्या डालकर लॉगइन करने का प्रयास करने पर ‘यूजर डज नॉट एग्जिस्ट’ का संदेश आ रहा था। याचिकाकर्ताओं के अनुसार तकनीकी समस्या के कारण कई अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने इस संबंध में आयोग के अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी थी। हालांकि, समस्या का समाधान नहीं होने के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया।
आयोग से जवाब तलब
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जेएसएससी के डिजिटल पोर्टल में आई तकनीकी गड़बड़ी को लेकर आयोग से जवाब मांगा। अदालत ने आयोग के अधिवक्ता से ऑनलाइन प्रणाली में इस तरह की तकनीकी त्रुटि उत्पन्न होने के कारणों के बारे में जानकारी मांगी। न्यायालय ने आयोग को निर्देश दिया कि उसका आईटी विशेषज्ञ अगली सुनवाई में सभी प्रासंगिक सर्वर लॉग और तकनीकी विवरण के साथ उपस्थित हो। अदालत इस माध्यम से यह जानना चाहती है कि पोर्टल में तकनीकी समस्या कैसे उत्पन्न हुई और उसका अभ्यर्थियों पर क्या प्रभाव पड़ा।
अगली सुनवाई में पेश होंगे आईटी विशेषज्ञ
अदालत के आदेश के अनुसार अगली निर्धारित सुनवाई में आयोग के आईटी विशेषज्ञ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर ऑनलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली और तकनीकी समस्या से जुड़ी जानकारी न्यायालय के समक्ष रखेंगे। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि समय पर तकनीकी समस्या का समाधान नहीं होने से अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिल सका। आयोग के अधिवक्ता ने अदालत को आश्वस्त किया कि न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जाएगा और संबंधित तकनीकी अधिकारी आवश्यक रिपोर्ट के साथ उपस्थित होंगे। मामले की अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी गई है।