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Jharkhand: कांग्रेस विधायक के घर पर आयकर का छापा दूसरे दिन भी जारी, MLA का दावा- छापेमारी में कुछ भी नहीं मिला
Sat, 05 Nov 2022 09:21 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 05 Nov 2022 09:21 PM IST
सार
जयमंगल सिंह के अलावा आयकर विभाग ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव के आवास पर भी छापेमारी की थी। इन दो नेताओं के साथ कुछ और कोयला कारोबारियों के परिसर पर भी छापेमारी की।
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आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आयकर विभाग की तरफ से झारखंड से कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह के आवास पर की गई छापेमारी शनिवार को दूसरे दिन भी जारी है। विधायक के रांची और पटना स्थित घर पर आयकर अफसरों का डेरा है। हालांकि, इस मामले में विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि वह सरकार की ओर से भेजी गई केंद्रीय एजेंसियों से डरती नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के यह कदम झारखंड में लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश हैं और यह सफल नहीं होंगे।
इस बीच कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने कहा कि मेरे आवासों पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई। उन्हें मेरे पटना आवास से कुछ कागजात और 600 रुपये मिले। रांची स्थित घर पर उनका अभी तक कुछ पता नहीं चला है। वे बस यहीं बैठे हैं और हमें जबरदस्ती घर में बंद किए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हम बीजेपी के खिलाफ रहे हैं इसलिए हमारे यहां छापेमारी की गई। किसी भी आयकर अधिकारी ने यह जानकारी नहीं दी कि मेरे पास एक करोड़ रुपये की संपत्ति है। मेरे रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। भाजपा के बाबूलाल मरांडी, निशिकांत दुबे, एचबी सरमा के इशारे पर आईटी अधिकारी भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छापेमारी के बाद भी कुछ नहीं मिला। वे मुझे अनादर और नक्सली हमलों से कैसे बचाएंगे या मेरे बच्चों को अपहरण के प्रयासों से कैसे बचाएंगे? वे यहां अपने वरिष्ठों के आदेश पर हैं।
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गौरतलब है कि जयमंगल सिंह के अलावा आयकर विभाग ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव के आवास पर भी छापेमारी की थी। इन दो नेताओं के साथ कुछ और कोयला कारोबारियों के परिसर पर भी छापेमारी की। इस छापेमारी के साथ ही भाजपा-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग गरमा गई। झामुमो और कांग्रेस के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूछा कि सत्ताधारी पार्टी को जांच से परहेज क्यों है?
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और कार्यकारी अध्यक्ष बंधू तिर्की ने अपने विधायकों के खिलाफ आयकर की छापेमारी को बदले की कार्रवाई बताया और कहा, ‘‘हम किसी से डरने वाले या झुकने वाले नहीं हैं चाहे कितने भी छापे पड़ जाएं।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अस्थिर करने और गिराने का काम किस प्रकार किया जा रहा है, सभी देख रहे हैं।
राजेश ठाकुर ने कहा, ‘‘ जिस प्रकार सिर्फ गैर-भाजपा शासित राज्यों को निशाना बनाया जा रहा है यह कहीं से भी उचित नहीं है। लेकिन जनता सब देख रही है और इसका परिणाम भाजपा को आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा।’’ दूसरी ओर विधायक अनूप सिंह ने कहा कि वह छापेमारी में आयकर विभाग को पूरा सहयोग दे रहे हैं, लेकिन यह कार्रवाई उन्हें सिर्फ डराने के लिए की जा रही है।
सिंह ने कहा कि अगस्त में उन्होंने अपनी ही पार्टी के तीन विधायकों के पचास लाख रुपये की नकदी के साथ कोलकाता में गिरफ्तार होने के बाद रांची में उनके खिलाफ राज्य की हेमंत सरकार को गिराने की साजिश की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दूसरी ओर भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने गुजरात दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल का सामना किया और उफ तक नहीं किया, तो आज जब केंद्रीय एजेंसियां अपना कानूनी दायित्व निभाती हैं तो विपक्षी कांग्रेस और झामुमो इतना शोर क्यों मचाते हैं?’’
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इस बीच कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने कहा कि मेरे आवासों पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई। उन्हें मेरे पटना आवास से कुछ कागजात और 600 रुपये मिले। रांची स्थित घर पर उनका अभी तक कुछ पता नहीं चला है। वे बस यहीं बैठे हैं और हमें जबरदस्ती घर में बंद किए हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि हम बीजेपी के खिलाफ रहे हैं इसलिए हमारे यहां छापेमारी की गई। किसी भी आयकर अधिकारी ने यह जानकारी नहीं दी कि मेरे पास एक करोड़ रुपये की संपत्ति है। मेरे रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। भाजपा के बाबूलाल मरांडी, निशिकांत दुबे, एचबी सरमा के इशारे पर आईटी अधिकारी भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छापेमारी के बाद भी कुछ नहीं मिला। वे मुझे अनादर और नक्सली हमलों से कैसे बचाएंगे या मेरे बच्चों को अपहरण के प्रयासों से कैसे बचाएंगे? वे यहां अपने वरिष्ठों के आदेश पर हैं।
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गौरतलब है कि जयमंगल सिंह के अलावा आयकर विभाग ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव के आवास पर भी छापेमारी की थी। इन दो नेताओं के साथ कुछ और कोयला कारोबारियों के परिसर पर भी छापेमारी की। इस छापेमारी के साथ ही भाजपा-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग गरमा गई। झामुमो और कांग्रेस के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूछा कि सत्ताधारी पार्टी को जांच से परहेज क्यों है?
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और कार्यकारी अध्यक्ष बंधू तिर्की ने अपने विधायकों के खिलाफ आयकर की छापेमारी को बदले की कार्रवाई बताया और कहा, ‘‘हम किसी से डरने वाले या झुकने वाले नहीं हैं चाहे कितने भी छापे पड़ जाएं।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अस्थिर करने और गिराने का काम किस प्रकार किया जा रहा है, सभी देख रहे हैं।
राजेश ठाकुर ने कहा, ‘‘ जिस प्रकार सिर्फ गैर-भाजपा शासित राज्यों को निशाना बनाया जा रहा है यह कहीं से भी उचित नहीं है। लेकिन जनता सब देख रही है और इसका परिणाम भाजपा को आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा।’’ दूसरी ओर विधायक अनूप सिंह ने कहा कि वह छापेमारी में आयकर विभाग को पूरा सहयोग दे रहे हैं, लेकिन यह कार्रवाई उन्हें सिर्फ डराने के लिए की जा रही है।
सिंह ने कहा कि अगस्त में उन्होंने अपनी ही पार्टी के तीन विधायकों के पचास लाख रुपये की नकदी के साथ कोलकाता में गिरफ्तार होने के बाद रांची में उनके खिलाफ राज्य की हेमंत सरकार को गिराने की साजिश की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दूसरी ओर भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने गुजरात दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल का सामना किया और उफ तक नहीं किया, तो आज जब केंद्रीय एजेंसियां अपना कानूनी दायित्व निभाती हैं तो विपक्षी कांग्रेस और झामुमो इतना शोर क्यों मचाते हैं?’’