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Jharkhand: 130वें संविधान संशोधन कानून के खिलाफ JMM का हल्ला-बोल, शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का मुद्दा उठाया
Fri, 22 Aug 2025 09:22 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 22 Aug 2025 09:22 PM IST
सार
Jharkhand News: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र पहले ही दिन हंगामेदार रहा। सत्ता पक्ष ने एसआईआर और 130वें संविधान संशोधन बिल पर भाजपा को घेरा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग तेज कर दी।
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झारखंड विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित 130वां संविधान संशोधन कानून झारखंड में सियासी भूचाल ला रहा है। एक ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राजधानी रांची में केंद्र सरकार का पुतला फूंककर विरोध जताया, वहीं दूसरी ओर विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष ने इस कानून के साथ-साथ अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। इस दौरान शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग भी जोर-शोर से उठी।
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रांची में झामुमो का पुतला दहन
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर झामुमो कार्यकर्ताओं ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व रांची महानगर झामुमो जिला अध्यक्ष मुश्ताक आलम ने किया। उन्होंने कहा कि संसद में पारित किया गया यह संविधान संशोधन कानून दरअसल काला कानून है और लोकतंत्र पर सीधा हमला है। आलम ने चेतावनी दी कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक झामुमो का विरोध जारी रहेगा।
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इस दौरान झामुमो के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे, जिनमें केंद्रीय सदस्य सह जिला संयोजक मंडली सदस्य अश्विनी शर्मा, डॉ. हेमलाल मेहता, बीरू तिर्की, नयनतारा उरांव, सोनू मुंडा और समनूर मंसूरी शामिल रहे।
विधानसभा में गरमा गया मानसून सत्र
सोमवार से शुरू हुए झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे ने गर्मी बढ़ा दी। सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया और भाजपा पर राज्य को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में पारित 130वां संविधान संशोधन बिल विपक्षी दलों को कमजोर करने की साजिश है।
शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग
प्रदर्शन के दौरान सत्ता पक्ष ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न से सम्मानित करने की जोरदार मांग की। उनका कहना था कि शिबू सोरेन ने झारखंड की अस्मिता, पहचान और अलग राज्य की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। इस मांग को न सिर्फ सत्ता पक्ष, बल्कि विपक्ष के कई नेताओं का भी समर्थन मिला। भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने भी इस मुद्दे पर सहमति जताई, जिससे सदन में दुर्लभ राजनीतिक एकजुटता देखने को मिली। राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम में शिबू सोरेन की जीवनी को शामिल किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी उनके संघर्ष और योगदान से परिचित हो सके।
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भाजपा पर सत्ता पक्ष का हमला, एनकाउंटर का मुद्दा भी उठा
सत्ता पक्ष से नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप, झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू, माले विधायक अरूप चटर्जी, राजद विधायक सुरेश पासवान और कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने भाजपा को घेरते हुए आरोप लगाया कि वह जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश कर रही है। इसी बीच भाजपा नेता सूर्या हांसदा ने सत्ता पक्ष पर फर्जी एनकाउंटर कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्दोष आदिवासियों और आम जनता को निशाना बनाया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।