फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand: A herd of elephants moved towards Ranchi through the forests of Latehar and Lohardaga

Jharkhand: लातेहार और लोहरदगा के जंगलों से होते हुए हाथियों का झुंड रांची की ओर बढ़ा, ग्रामीणों में दहशत

Thu, 24 Jul 2025 02:39 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 24 Jul 2025 02:39 PM IST
सार

Jharkhand: वन विभाग की टीमें लगातार झुंड की निगरानी कर रही हैं। विभाग ने एक विशेष दल गठित किया है जो हाथियों को जंगल की ओर वापस ले जाने की कोशिश कर रहा है।

विज्ञापन
Jharkhand: A herd of elephants moved towards Ranchi through the forests of Latehar and Lohardaga
सांकेतिक - फोटो : Meta AI

विस्तार

झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला राजधानी रांची से सामने आया है, जहां 25 हाथियों का एक बड़ा झुंड लातेहार और लोहरदगा के जंगलों से होते हुए रांची की ओर बढ़ रहा है। यह झुंड बेड़ो, मांडर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नजर आया है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

विज्ञापन

ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों ने कई खेतों को रौंद दिया है और कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचाया है। फसलें बर्बाद होने से किसान चिंतित हैं। रात के समय गांवों में डर का माहौल बन जाता है, जिसके चलते कई लोग रातें जागकर और खुले में गुजारने को मजबूर हैं। हाथियों को भगाने के लिए ग्रामीण मशाल, पटाखे और ढोल-नगाड़ों का सहारा ले रहे हैं।

विज्ञापन


पढ़ें: अस्पताल में भर्ती पद्मश्री कड़िया मुंडा से मिलने पहुंचे CM हेमंत; पूर्व CM मरांडी ने भी जाना हाल

विज्ञापन
विज्ञापन

वन विभाग की टीमें लगातार झुंड की निगरानी कर रही हैं। विभाग ने एक विशेष दल गठित किया है जो हाथियों को जंगल की ओर वापस ले जाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही, ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे झुंड के पास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में वन विभाग को तुरंत सूचना दें।

विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई और हाथियों के पारंपरिक रास्तों पर अतिक्रमण के कारण इंसान और जानवरों के बीच टकराव की घटनाएं बढ़ रही हैं। भोजन और पानी की तलाश में हाथी आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं। यदि समय रहते कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संकट और भी विकराल रूप ले सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed