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CAG Report: झारखंड में मृतकों और पुरुषों को दी गई विधवाओं की पेंशन; कैग की रिपोर्ट में अनियमितताओं का खुलासा
Thu, 21 Dec 2023 11:28 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 21 Dec 2023 11:28 PM IST
सार
रिपोर्ट के मुताबिक, छह में से चार जिलों में 14 स्कूलों या संस्थानों के 1482 फर्जी लाभार्थियों को 1.17 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति बांटी गई। ये संस्थान न तो राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकृत थे और न ही पोर्टल पर लॉग इन करने के लिए पात्रता रखते थे।
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झारखंड विधानसभा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
झारखंड में छात्रवृत्ति और पेंशन योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) में करोड़ों रुपये के हेर-फेर का मामला सामने आया है। झारखंड विधानसभा में गुरुवार को पेश की गई कैग की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। इसमें बताया गया है कि यहां फर्जी लाभार्थियों को 1.17 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति बांटी गई। इसके अलावा, जो लोग मर चुके हैं उन्हें पेंशन और पुरुष लाभार्थियों को विधवा पेंशन देने के मामले भी सामने आए हैं। सामाजिक सुरक्षा और छात्रवृत्ति योजनाओं में डीबीटी के उद्देश्यों और प्रभाव का पता लगाने के लिए झारखंड में कैग ने 2017 से 2021 की अवधि का ऑडिट किया था।
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प्रदेश के महालेखाकार (ऑडिट) अनुप फ्रांसिस डुंगडुंग ने पत्रकारों से कहा, ऑडिट में भारी वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। यह हाल तब है जब केवल छह नमूना जिलों (चतरा, हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूम, गोड्डा, पलामू और रांची) का ऑडिट किया गया। उन्होंने कहा कि यदि इसे पूरे राज्य में किया गया तो और भी अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, छह में से चार जिलों में 14 स्कूलों या संस्थानों के 1482 फर्जी लाभार्थियों को 1.17 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति बांटी गई। ये संस्थान न तो राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकृत थे और न ही पोर्टल पर लॉग इन करने के लिए पात्रता रखते थे।
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सामाजिक सुरक्षा पेंशन के मामले में पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला में 84 लाभार्थियों का नाम सूची में या तो शामिल ही नहीं किया गया तो 65 महीनों की देरी से किया गया। परिणामस्वरूप 8.5 लाख रुपये की पेंशन राशि मृतक लाभार्थियों को वितरित कर दी गई। इसी तरह, दो जिलों (पूर्वी सिंहभूम और गोड्डा) के चार ब्लॉकों में विधवा पेंशन योजना के तहत 16 पुरुष लाभार्थियों को 9.54 लाख रुपये की पेंशन वितरित की गई।